सामाजिक मुद्दे
महिलाओं को अब और ‘पॉलिटिक्स’ करनी चाहिए, अब हम सिर्फ पुरुषों के नेतृत्व में नहीं जीएंगे

जिस भारत में मैं रहती हूँ, वहाँ मेरी आवाज़ सुनाई देनी चाहिए! हमें 'पॉलिटिक्स करनी चाहिए'... जी हाँ, महिलाओं को अब राजनिति में भाग लेना चाहिए। 

टिप्पणी देखें ( 0 )
अब और नहीं! अब वक़्त है उस पुरानी और झूठी सीख को बदलने का!

अब प्यार और सद्भाव हो, शिवाले की घंटियां, अज़ान की रूहानियत, गुरबानी की तान हो, क्योंकि मैं ही नहीं, मेरा देश भी सजग सशक्त बने यही वक़्त की पुकार है।

टिप्पणी देखें ( 0 )
वर्जिनिटी पर हमेशा लड़कियों को ही क्यों जवाब देना पड़ता है, लड़कों को क्यों नहीं

दोस्तों एक तरफ जहां वर्तमान में हम आसमान छूने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर वर्जिनिटी का मुद्दा आए दिन अखबारों और समाचारों में देखा और पढ़ा करते हैं।

टिप्पणी देखें ( 0 )
जब भी बच्चों या बुजुर्गों को सड़क पर भीख मांगते देखें, तो आप भी ये करें

मेरा तीन साल का बेटा साहिल खो गया है, अब तक मिल नहीं रहा। एक महीने पहले काम वाली उसको पार्क में घुमाने ले गयी थी, और साहिल कहीं चला गया।

टिप्पणी देखें ( 0 )
कर्म को धर्म मानने वाली, हमारी संस्कृति में कई सवालों के लिए जगह नहीं होनी चाहिए

जब आप किसी अस्पताल पहुँचते हो तो क्या धर्म देखकर डॉक्टर चुनते हो? उस पल बस आप यही चाहते हो कि डॉक्टर कोई भी हो, बस इलाज ठीक हो जाये।

टिप्पणी देखें ( 0 )
आप खुद सोचें, क्यों सबसे बड़ा गुनहगार है बेटी को पराया कहने वाला

पूरे मोहल्ले की नजरें झुकी थीं क्योंकि तकरीबन सभी का मानना था कि बेटियां शादी के बाद पराई हो जाती हैं, और अब कोई पुलिस में जाने की बात नहीं कर पा रहा था। 

टिप्पणी देखें ( 0 )
topic
social-issues-2
और पढ़ें !

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

क्या आपको भी चाय पसंद है ?