कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

माँ की जुबानी
इस मदर्स डे सोचिये कि आप एक मां के लिए क्या करते हैं…उनके गुणगान के अलावा!

इस मदर्स डे मां के लिए ये भी सोचें! मातृत्व की स्तुति हमारे दिमाग में इतनी समाई हुई है कि हम 'महानता और निस्वार्थता' से परे उनके बारे में सोच भी नहीं सकते।

टिप्पणी देखें ( 0 )
इस मदर्स डे मुझे सिर्फ़ एक दिन की छुट्टी चाहिए और कुछ नहीं!

इस मदर्स डे मुझे अपनी कभी भी ना ख़त्म होने वाली ड्यूटीज़ से सिर्फ़ एक दिन की छुट्टी चाहिए सिर्फ़ एक दिन...बस इतना ही चाहिए मुझे इस मदर्स डे!

टिप्पणी देखें ( 0 )
‘माँ’ के साथ-साथ अपने ‘मैं’ को ज़िंदा रखने का हुनर मैंने आशा से सीखा

आशा का 'माँ' से 'मैं' तक का सफ़र छोटा नहीं था। पूरी ज़िंदगी बीत गयी थी खुद के अन्दर के 'मैं' को पहचान दिलवाने में, अपने अस्तित्व को तलाशने में।

टिप्पणी देखें ( 0 )
ये रोटी बनाना नहीं आसां गालिब, बस यूं समझिए आग का दरिया है

पहले प्रयास के अगर मार्क्स मिलते तो मेरे नंबर नेगेटिव में आते। भगवान जी ने कोई ऐसी संरचना और इंसान ने कोई ऐसा नक्शा नहीं बनाया जैसा मेरी रोटी का आकार।

टिप्पणी देखें ( 0 )
माँ बन कर जाना, मेरी दुनिया मेरे बच्चे

उस समय मानो सब कुछ मिल गया, खुशी के दो आंसू निकल पड़े। समय निकलता गया। मेरे बच्चे के साथ मेरा रिश्ता भी बनता रहा।

टिप्पणी देखें ( 0 )
मेरे बेटे जब तूने मुझे दिया जन्म

जब भी मेरा दिल धड़का, जब भी मैं कमज़ोर पड़ी, तुमने अपने नन्हे-नन्हे हाथ-पाँव से मुझे एहसास दिलाया, 'माँ, मैं तुम्हारे पास आऊँगा। माँ मैं ठीक हूँ!'

टिप्पणी देखें ( 0 )
topic
stories-from-moms
और पढ़ें !

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

क्या आपको भी चाय पसंद है ?