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shalini verma

I am Shalini Verma ,a fashion designer, teacher ,blogger ,poetess and Writer .

Voice of shalini verma

माँ तुम कितना झूठ बोलती हो…

अपने हिस्से का खाना भी बच्चों को खिलाकर, मेरी भूख मर गयी कहती हो। बच्चों को खाते देख कितनी तुम खुश होती हो, माँ तुम कितना झूठ बोलती हो।

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इस रिश्ते में मेरी सहमति कुछ मायने रखती है या नहीं…

और वो सोचने लगी कि क्या इस रिश्ते में पत्नी की सहमति भी कुछ मायने रखती है या ये रिश्ता सिर्फ पति की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया? 

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अब मैं नहीं आप अपनी औकात में रहेंगे…

अभी तक वह सोचती आज सोम का दिन अच्छा नहीं निकला होगा उसे ऑफिस में काम बहुत है, तो वो कहाँ अपनी भड़ास निकालेगा? 

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इंतज़ार

उस लड़की का चेहरा तो नहीं दिखा, पर सफ़ेद सलवार सूट में खुले लंबे बालों में खड़ी वह उसका ध्यान खींचती रही।

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हिंदी साहित्य के साथ मेरा अनुभव…

लॉक डाउन के दौरान मैं बहुत से साहित्य प्रेमी जनों के संपर्क में आई और अनेक हिंदी लेखकों, कवियों व साहित्यकारों को जानने का अवसर मिला। 

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मैं आत्मसम्मान से जीना चाहती हूँ!

माँ को देखा हर बात में सर झुका कर, ग़लत को भी सही बताते, यही शिक्षा पाई उनसे, ‘आत्मसम्मान चाहे ना रहे, पर परिवार को तुम बचाना...'

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