रिश्ते
अपने जीवन में विशेष रिश्तों के बारे में भारतीय महिलाओं की सच्ची कहानियाँ
क्यों बच्चों को बिगाड़ने में हमेशा माँ का हाथ होता है, पिता का नहीं?

आज भी बच्चों की परवरिश में माँ का योगदान ज़्यादा रहता है। बच्चों को बिगाड़ने और सँवारने में जितना माँ का योगदान है, उतना ही पिता का भी फ़र्ज़ होना चाहिये।

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भाइयों के रिश्ते टूटने का कारण क्या हमेशा बहु होती है?

बाहर से आई लड़की क्या लड़के को सिखा सकती है? क्या लड़के में अपनी बुद्धि नहीं होती है? वो क्या एक छोटा बच्चा है जो उसे सिखाया जा सके?

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हे भगवान् मदद कर दो! सब सही करना!

इतना सुनते ही मैंने अपने बेटे को गोद में उठाया और निकल पड़ी हॉस्पिटल की तरफ। पूरे रास्ते भगवान् से दुआ माँगती रही, हे भगवान् सब सही करना।

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क्षणिक जीने दो ये प्यार भरे पल – नई पीढ़ी, नई दुनिया, नई सोच

जब तक आपके साथ रह रहे हैं, हम बहन-भाई को, आपके प्‍यार एवं स्‍नेह के ऑंचल तले खुशनुमा माहौल में क्षणिक जीने दो ये प्‍यार भरे पल

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फिर लौट आओ

कभी आओ बैठो इन सरगोशियों में, बातें ढेर सारी करनी हैं तुमसे, छोड़ आओ अपना ये फ़हम कहीं दूर, कि अब कुछ पल तुम्हारा साथ ये दिल पाना चाहता है। 

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इस मित्रता दिवस पर एक वादा ख़ुद से

एक वक्त ऐसा आया कि मुझे लगा कि ख़ुद से बात छेड़ के बहुत बड़ी गलती कर दी है मैंने। दुनियादारी में मैं व्यस्त था वही अच्छा था।

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