रिश्ते
अपने जीवन में विशेष रिश्तों के बारे में भारतीय महिलाओं की सच्ची कहानियाँ
जीवन में बदलाव आते हैं पर यह कैसी मानसिकता है

शादी को एक साल बीत गया। सोमेश दो-चार बार आया भी, लेकिन उसका आना ना आना, एक समान ही होता था। दिया को इस इंतज़ार से अब घुटन होने लगी थी।

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आपको बीमार होने का हक नहीं है

अब सच्चाई यह है कि आप शादी के बाद बीमार नहीं हो सकतीं। आपको बीमार होने का हक ही नहीं है, क्यूंकि आप तो बहू हैं।

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प्यार एक खुशनुमा एहसास

हमसफर के साथ समय बिताकर देखें। प्यार को कुछ अलग अंदाज में बताकर देखें। ठहरती जिंदगी में एक कंकड़ प्यार का मारकर तो देखें कैसे नयी जान आ जाएगी।

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खुद्दार हम भी बहुत हैं

ये ज़िद्द है हमारी घर-संसार अपना बचाने की, तभी तो इतना गिड़गिड़ाते हैं, रिश्तों में हम अहंकार लाते नहीं, नहीं तो खुद्दार हम भी बहुत हैं। 

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न कहा न सुना-सब अधूरा मिला इस बार

जब घर गये इस बार, तो सब अधूरा मिला इस बार, सब अधूरा मिला इस बार, न कहा न सुना, बस यूं ही चले गए आप...

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जैसी दिखती है जिंदगी…

भी लगता है आपको की जिंदगी दिखती कुछ और है पर है कुछ और ही?

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