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रिश्ते
अपने जीवन में विशेष रिश्तों के बारे में भारतीय महिलाओं की सच्ची कहानियाँ
तुम मेरे मम्मी-पापा को अपना क्यों नहीं मानते हो? 

"तुम परेशान ना हो, पर पहले मम्मी-पापा से तो पूछ लो और तुम्हें तो पता है ना कि आज बड़ी दीदी और जीजा जी पूरे परिवार के साथ आने वाले हैं?"

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अब सिर्फ भाभी नहीं “कैब वाली भाभी जी” बोलो

जाते-जाते निशा ने अपनी भाभी से बोला, "मेरे मायके को बनाए रखना भाभी और किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो बेझिझक बताना।"

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क्या देवरानी का मतलब घर की नौकरानी है?

रोज यही होता घर आने के बाद सारा काम मेरे सिर पर। मैं तीन प्रकार की सब्जी बनाती, रोटी, बर्तन, शाम की चाय। मैं परेशान होने लगी। 

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तुमने शादी मुझसे नहीं अपनी नौकरी से की है…

एक हफ्ते के अंदर ही प्रेम दीमा को बहुत अच्छी तरह से समझ गया था और दोनों में एक दोस्ती होने लगी। शायद एक दूसरे का अधूरापन पूरा करते थे दोनों?

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मेरे पति को आप जोरू का गुलाम क्यों कहते हैं?

अरे ओ मौसी तेरा बेटा तो पुरा जोरु का गुलाम हो गया है..कौन होते हैं जोरु के गुलाम जिनसे मुँह चिढ़ाता है समाज ?

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ज़्यादा हँसने-बोलने की ज़रूरत नहीं है ससुराल में…

इधर चंचल की शादी हो गई। माँ ने पहले ही बोला था कि ज्यादा बोलना नहीं और कोई कुछ बोले तो 'खीखी' मत करने लगना।

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