अपराध और कानून
प्रेगनेंसी अमेंडमेंट बिल 2020 : गर्भपात संबंधी नियमों में एक बदलाव

इस विधेयक के तहत गर्भपात की अधिकतम सीमा 20 हफ्ते से बढ़कर 24 हफ्ते कर दी गई है। अब महिलायें प्रेगनेंसी के 24वें हफ्ते में भी वैद्य गर्भपात करा सकेंगी। 

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1 फरवरी को सिर्फ 4 अपराधियों को फाँसी…एक को अभी भी छोड़ा जा रहा है, क्यों?

क्या सब उस छठे आरोपी, जो अब नाबालिग नहीं रहा, के अगले अपराध का इन्तज़ार कर रहे हैं? फिर उसके बाद ही उसे सजा देंगे? यही न्याय है क्या? 

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जब हम निर्भया केस के फ़ैसले पर खुशी मना रहे थे, तब भी एक बेटी मदद की गुहार लगा रही थी

सज़ा दी क्यों जाती है? ताकि उस अपराध को करने वाले और उसे करने की सोचने वाले हर इंसान के मन में क़ानून का डर हो और वो फिर कभी ऐसी कोशिश ना करे।

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निर्भया केस में एक माँ का अथक संघर्ष और हमारी दंड व्यवस्था का न्याय

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि, निर्भया केस ने, जो जागरूकता की मशाल जलाई, जितना लड़कियों को आन्दोलित किया, उतना और किसी केस में सम्भव नहीं हो पाया।

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जामिया के छात्र और छात्राओं के साथ पुलिस का अत्याचार किस संस्कृति का उदाहरण?

दिसंबर 15, 2019 की शाम को शांति से विरोध प्रदर्शित कर रहे जामिया मिलिया के छात्रों को पुलिस ने बेरहमी से पीटा और इसमें महिला छात्रा भी मौजूद थीं।

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क्यों एक तरफा तराज़ू नहीं बतलाता सही भाव है!

जहां इंसाफ का तराज़ू हमेशा एक तरफ झुका रहता है, उस समाज में कोई तरक्की, कोई समानता, कोई बदलाव आना नामुमकिन हैं, ऐसा समाज इंसानियत का दुश्मन है! 

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