अपराध और कानून
जब हम निर्भया केस के फ़ैसले पर खुशी मना रहे थे, तब भी एक बेटी मदद की गुहार लगा रही थी

सज़ा दी क्यों जाती है? ताकि उस अपराध को करने वाले और उसे करने की सोचने वाले हर इंसान के मन में क़ानून का डर हो और वो फिर कभी ऐसी कोशिश ना करे।

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निर्भया केस में एक माँ का अथक संघर्ष और हमारी दंड व्यवस्था का न्याय

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि, निर्भया केस ने, जो जागरूकता की मशाल जलाई, जितना लड़कियों को आन्दोलित किया, उतना और किसी केस में सम्भव नहीं हो पाया।

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जामिया के छात्र और छात्राओं के साथ पुलिस का अत्याचार किस संस्कृति का उदाहरण?

दिसंबर 15, 2019 की शाम को शांति से विरोध प्रदर्शित कर रहे जामिया मिलिया के छात्रों को पुलिस ने बेरहमी से पीटा और इसमें महिला छात्रा भी मौजूद थीं।

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क्यों एक तरफा तराज़ू नहीं बतलाता सही भाव है!

जहां इंसाफ का तराज़ू हमेशा एक तरफ झुका रहता है, उस समाज में कोई तरक्की, कोई समानता, कोई बदलाव आना नामुमकिन हैं, ऐसा समाज इंसानियत का दुश्मन है! 

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उन्नाव की बहादुर बेटी का मरते दम तक संघर्ष अब किसी को भी चैन से सोने नहीं देगा

पुलिस की लापरवाही की वजह से उन्नाव की इस वीरांगना के शरीर में लगी आग की जलन अब देश की हर एक लड़की महसूस करेगी और इस सिस्टम से लड़ती रहेगी। 

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नाराज़ हूँ, दुःखी हूँ क्यूंकि मैं शर्मसार हूँ बेटियों के पैदा होने पर

आज सुबह हुई इस खबर से कि उन्नाव की पीड़िता इस दुनिया से चली गयी और जाते-जाते कह गयी, "मैं जीना चाहती हूँ और उन दरिंदो को फांसी से लटकते देखना चाहती हूँ।"

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