कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

किताबें
जाने मने और आधुनिक भारतीय लेखिखाओं के पुस्तक समीक्षा और लेखिखाओं के इंटरव्यू
क्या सच में ‘काबुलीवाले की बंगाली बीवी’ सुष्मिता बंधोपाध्याय की मौत का कारण बनी?

सुष्मिता बंधोपाध्याय की हत्या के बाद 'काबुलीवाले की बंगाली बीवी' मैंने पढ़ी। मेरे जेहन में यह बात खबरों को पढ़कर बार-बार कौंध रही थी कि...

टिप्पणी देखें ( 0 )
पुस्तक आलोचना का स्त्री पक्ष की लेखिका सुजाता के साथ एक गुफ़्तगू

"2020 में भी हम स्त्रीवादी साहित्य आलोचना दृष्टि पर नहीं लिखेंगे तो फिर कब?" कहती हैं पुस्तक आलोचना का स्त्री पक्ष की लेखिका सुजाता...

टिप्पणी देखें ( 0 )
हिंदी साहित्य में इन 6 महिला साहित्यकारों का योगदान कौन भूल सकता है! 

हिंदी साहित्य में इन महिला साहित्यकारों का योगदान इतना है कि इनकी रचनाएं, हर पाठक को उसके जीवन के उद्देश्यों के तलाश करने में मदद करेंगी। 

टिप्पणी देखें ( 0 )
मल्लिका समग्र 19वीं सदी की लेखिका मल्लिका के होने का प्रमाण है 

मल्लिका समग्र इस बात की चर्चा ज़रूर करता है कि अगर भारतेंदु अपनी जीवनी पूरी कर पाते तो अवश्य मल्लिका के बारे में कोई जानकारी मिल जाती।

टिप्पणी देखें ( 0 )
नारीवाद का सरोकार केवल महिलाओं से नहीं है – ‘नारीवादी निगाह से’, निवेदिता मेनन

निवेदिता मेनन की किताब 'नारीवादी निगाह से' का मूल बिंदू यह कहा जा सकता है कि मार्क्सवाद विचारधारा की तरह नारीवाद भी सार्वभौम नहीं है।

टिप्पणी देखें ( 0 )
सच कहूँ तो, अगर मैं आगे बढ़ सकती हूँ, तो आप भी कर सकते हैं: नीना गुप्ता

दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता नीना गुप्ता अपनी आत्मकथा 'सच कहूँ तो' में अपने जीवन के बारे में सब कुछ साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं!

टिप्पणी देखें ( 0 )

Women In Corporate Allies 2020

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

Women In Corporate Allies 2020