कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

corona lockdown
अब इंसानियत का पाठ पढ़ाने सब आएंगे लेकिन…हम भी अलग कहाँ!

तकलीफ इस बात की नहीं कि हम अपने आप को सर्वोपरि मानते हैं बल्कि यह मानते मानते हमने अपना वजूद, अपनी इंसानियत, खो बैठे हैं।

टिप्पणी देखें ( 0 )
नंदिता दास की शॉर्ट फिल्म ‘लिसन टू हर’ आपकी और मेरी कहानी क्यों लगती है?

नंदिता दास की शॉर्ट फिल्म 'लिसन टू हर' उन दोनों शोषण की चर्चा को सतह पर लाने की कोशिश करती है जिसका अनुभव हर महिला ने कभी न कभी किया है।

टिप्पणी देखें ( 0 )
और मैंने तय कर लिया कि क्या करना है….!

आज बहुत दिनों बाद अच्छी नींद आई क्यूंकि आज मैं सुबह का अलार्म बंद करके सोई थी और मैं अब वापस पीछे मुड़ने के मूड में बिल्कुल नहीं थी।

टिप्पणी देखें ( 0 )
फिल्म ‘ईब आले ऊ’ देख कर आप भी अपने अंदर का बंदर ढूंढने लग जाएंगे!

फिल्म ईब आले ऊ उस वर्ग की लाचारी दर्शाती है जो कई सपने लेकर बड़े शहरों में आते हैं और वह शहर उन्हें एक बंदर की तरह नचाता है।

टिप्पणी देखें ( 0 )
इन पुराने सीरियल और फिल्मों की मेरी माँ अक्सर बात किया करतीं…

इस लॉकडाउन में मुझे उन पुराने सीरियल और फिल्मों को देखने का मौका मिला जिनके बारे में मैं अपनी माँ से बचपन में सुना करती थी... 

टिप्पणी देखें ( 0 )
हम तो थे जैसे, हम वैसे रह गए…

पारुल और रोहित, दोनों प्यार के पंछी, घर और नौकरी में उलझे बड़ी मुश्किल से अपने लिए वक्त निकाल पाते थे, फिर वक्त की चाल बदली और....

टिप्पणी देखें ( 0 )
post_tag
corona-lockdown
और पढ़ें !

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

क्या आपको भी चाय पसंद है ?