कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

Shadabi Naz

Voice of Shadabi Naz

तुम्हारे जैसी दोस्त हो तो दुश्मन किसे चाहिए…

अमिता शैलजा से अपने दिल का सारा हाल बयां कर देती और बाद में शैलजा अमिता की सारी बातें चटकारे ले लेकर ऑफिस को बताती।

टिप्पणी देखें ( 0 )
सासु माँ, आपका प्यार एक दिन मुझे ज़रूर मिलेगा!

शादी के बाद शैली जब भी पति संग ससुराल जाती तो सास उसके रंग-रूप का मखौल भी उड़ाती और अब तो छोटी बहू भी आ गई थी।

टिप्पणी देखें ( 0 )
क्या मेरे नौकरी करने से आपकी इज़्ज़त कम हो जाती?

ज़ुबैदा को ऐसा लगता था कि उसके सपनों को पंख मिल जाएंगे, पर ऐसा हो न सका। पंख तो उस को मिल गए पर उड़ने की आज़ादी नहीं मिल पायी।

टिप्पणी देखें ( 0 )
बेटा अगर तुमसे गलती हुयी है तो माफ़ी मांग लो…

रेखा की आँखों से नींद कोसों दूर थी, रात के क़रीब एक बज चुके थे लेकिन रेखा को समझ में नहीं आ रहा था कि वो क्या करे।

टिप्पणी देखें ( 0 )
बहु तुम्हारा लंच बॉक्स अब मैं पैक करुँगी…

क्यों बहू मेड की क्या ज़रुरत है? वैसे हम कुल मिलाकर चार लोग ही तो हैं और हाँ हम मेड के हाथों का बना हुआ खाना नहीं खा सकते।

टिप्पणी देखें ( 0 )
अपने हेलीकाप्टर पति को सीधा करने का अब एक ही रास्ता था…

संयम को माँ-बाप समझाते तो उल्टा वो उन्हें समझाने लग जाता कि आजकल की लड़कियाँ कितनी तेज़ होती हैं और किस तरह उन्हें क़ाबू में रखना चाहिए।

टिप्पणी देखें ( 0 )

Women In Corporate Allies 2020

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

Women In Corporate Allies 2020