कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

सामाजिक मुद्दे
इस लॉक डाउन में पुरुषों के नाम एक खुला पत्र!

इस 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान, हर किसी को अपना काम खुद करने की ज़रुरत है, और ऐसा अपने घर से शुरू होना चाहिए - पुरुषों का अपने घरों में काम करने के साथ। 

टिप्पणी देखें ( 0 )
लॉक डाउन के लंबे दिन, यानि आपका आराम… लेकिन आपके घर की औरतों के आराम का क्या?

Covid - 19 लॉक डाउन, मतलब कई लोगों के लिए घर पर आराम, मगर ऐसे में क्या हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे घर की महिलाओं को भी आराम मिले?

टिप्पणी देखें ( 1 )
मम्मी जी आप तो अभी भी कितनी एक्टिव हो!

क्या यह उचित है कि घर का एक वर्ग तो काम करता रहे और एक वर्ग आराम से बैठकर मौज मनाएं। जब घर सबका है तो घर के काम भी सबके होने चाहियें।

टिप्पणी देखें ( 0 )
ओ री गौरेया… नन्हीं सी चिड़िया अंगना में फिर आ जा रे!

20 मार्च वर्ल्ड स्पैरो डे के रूप में मनाया जाता हैं। इन नन्हे पक्षियों का हमारे जीवन में बहुत बड़ा योगदान है।  यह एक लेख उनके नाम।  

टिप्पणी देखें ( 0 )
संपत्ति का संचय और नारी की दुर्दशा पृथ्वी पर कब और कैसे शुरू हुई?

अब दिवस मनाते फिरते हो, लेकिन, नारी-पिछड़ी जाति-सर्वहारा-अल्पसंख्य-गरीब, इन तबकों में, हीन भावना से भरे हुए मानव ही ने सबको बांटा था। 

टिप्पणी देखें ( 0 )
कुछ सवालों का जवाब ढूंढ़ना ही होगा

किसी की गलती करने पर उससे बड़ी गलती करना हमारी समझ तो नहीं है, क्या कर रहे हैं हम? क्यूँ डर रहे हैं हम? किससे छिप रहे हैं हम? 

टिप्पणी देखें ( 0 )
topic
social-issues-2
और पढ़ें !

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

क्या आपको भी चाय पसंद है ?