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सामाजिक मुद्दे
शादी डॉट कॉम ने रंग के फ़िल्टर हटा दिए तो क्या, लड़की तो हम गोरी…

हाल ही में शादी डॉट कॉम ने एक क्रांतिकारी फैसला लिया कि अब उनकी वेबसाईट पर स्किन शेड कार्ड के आधार पर लड़की की प्रस्तुति नहीं होगी। 

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पुराने आदर्शवादी परिवारों में पिसते हमारे माता-पिता के जीवन का कड़वा सत्य

अगर आप आज भी अपनी असफलता का ठीकरा अपने माता-पिता पर ही फोड़ कर फिर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं तो आपसे कोई भी उम्मीद रखना बेकार है।  

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तापसी पन्नू की नयी कविता ‘प्रवासी’ आपकी सुविधा पर नए सवाल उठाएगी

"हम तो बस प्रवासी है क्या इस देश के वासी हैं?" तापसी पन्नू की कविता 'प्रवासी' आपकी अंतरात्मा को झिंझोड़ेगी और पूछेगी, आखिर क्या दोष था प्रवासी मजदूरों का?

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कुछ नील निशान और उनको छिपाती हमारे अपने परिवारों की चुप्पी …

घरेलु हिंसा के ये स्वरुप चोट तो देते हैं पर निशान नहीं देते, और ये कभी सबके सामने बोले नहीं जाते क्योंकि यहां मज़लूम ही मुज़रिम करार दिया जाता है।

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अब इंसानियत का पाठ पढ़ाने सब आएंगे लेकिन…हम भी अलग कहाँ!

तकलीफ इस बात की नहीं कि हम अपने आप को सर्वोपरि मानते हैं बल्कि यह मानते मानते हमने अपना वजूद, अपनी इंसानियत, खो बैठे हैं।

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शादी निभाने के लिए क्यों हो जाता है औरत का चुप रहना ज़रूरी?

अपने माँ-बाप को भी शिकायत करी इस बात की। पर उन्होंने यही समझाया, "बेटा! शादीशुदा लोगों में जब एक व्यक्ति गुस्से में हो तो तुम चुप हो जाओ।"

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