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Dr .Pragya kaushik

Pen woman who weaves words into expressions.Doctorate in Mass Communication. Blogger and Communication Trainer.

Voice of Dr .Pragya kaushik

कविता, मेरे दिल की आवाज़…

कभी बयान करती रहीं, दुख! तो कभी झूमती रहीं, खुशी में! और सफर जिन्दगी का, करती रहीं, आसान! खुशनुमा!

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यह वक़्त गुज़र जाएगा: हर रात की सुबह होती है…!

कोई भी वक़्त हो कैसा भी पल हो गुज़र जाता है,कहते हैं हर रात के बाद सुबह आएगी और आती भी है चाहे कुछ समय लगा कर आये मगर हर रात की सुबह होती है। 

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ये लॉकडाउन है एक मिसाल देश की एकता में अनेकता की

निश्चित रूप से सभी समर्पित चिकित्सकों के लिए ये दुनिया सदैव ऋणी रहेगी। मीडिया कर्मी ,सफाई कर्मी और सभी स्वयं सेवी का आभार व सहयोग करें ।

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अब व्यतीत हो चले कुछ शब्दों के भाव…

शब्द वह इकाई है जिससे मनुष्य अपने विचारों का आदान प्रदान करता है और अपने भावों को स्पष्ट करता है और अपने मन में निहित भाव को स्पष्ट करता है। 

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टूट कर भी नहीं बिखरने का नाम एकता भ्यान

एकता भ्यान - पैरालंपिक की एक गोल्ड मैडलिस्ट एथलीट और इनकी विशेषता, जीजिविषा और हौंसले अपरिमित।

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