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यह वक़्त गुज़र जाएगा: हर रात की सुबह होती है…!

Posted: May 5, 2020

कोई भी वक़्त हो कैसा भी पल हो गुज़र जाता है,कहते हैं हर रात के बाद सुबह आएगी और आती भी है चाहे कुछ समय लगा कर आये मगर हर रात की सुबह होती है। 

यह भी ना रहेगा
जब सुख नही ठहरा
तो दुख कैसे रहेगा?

जब अपनो का हो साथ
तो अकेला कौन कहेगा ?
जाना जब मन से मन तक होगा
तो दूरी कौन नपेगा?

न होना तुम हताश , निराश ,
जब दिन न रहा ,
तो ‘तम ‘ भी कहां टिकेगा?

है ईश्वर में जो आस
अब वही मन का विश्वास रहेगा
तेरे मेरे की ‘जंग ‘ की नही बात
अब ‘ हम सब एक ‘यही चलेगा ,यही बचेगा ।

मूल चित्र : Pexels

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