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Deepika Mishra

I am a mom of two lovely kids, homemaker and a budding blogger.

Voice of Deepika Mishra

कुछ सवालों का जवाब ढूंढ़ना ही होगा

किसी की गलती करने पर उससे बड़ी गलती करना हमारी समझ तो नहीं है, क्या कर रहे हैं हम? क्यूँ डर रहे हैं हम? किससे छिप रहे हैं हम? 

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प्यार बेजुबां मगर इसकी ज़ुबानें अनेक!

दीपिका का मानना है कि प्यार एक अनुभूति है, एक एहसास है, शब्दों में बयां करना पड़ता नहीं इसे, गर बोलते आपके जज़्बात है।

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मंदिर में देवी और बाहर दरिंदों का शिकार? बंद करो, अब बहुत हो गया!

ज़रा सोचिये! क्यूँ अपनी आबरू खोने के बाद भी वो करती इंसाफ़ का इंतज़ार है? क्या गलती थी उसकी, जो वो चिता पर और खुली हवा में घूम रहे उसके गुनहगार हैं?

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सिर्फ दूसरों की ख़ुशी लिए जीते हुए, कभी अपने अपने लिए भी जीना सीखें…

एक नया आशियाँ अब उसने भी बनाया है, मंजिलों की राहों को छोड़ कर, यूँ ही चलते चलते अब इन राहों पर ज़िंदगी जीने के नए बहाने मिल गए हैं।

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पराया धन…दूसरे घर से आयी! कब तक रहेगी औरत तेरी यही कहानी?

क्यूँ वो दो दो घर होने के बावजूद किसी एक का भी अभिन्न हिस्सा नहीं है? क्यूँ उसे परिभाषित किया जाता है अलग अलग उपमाओं में?

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माँ है फरिश्ता, उसे सब पता चल जाता है

ऊपर भगवान और नीचे आपका कोई मोल नहीं है। कौन पिरो सकता है माँ की ममता को शब्दों में, मेरे लिए तो ये सबसे पवित्र और अनमोल है।

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