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तुम्हारी पत्नी सिर्फ एक जिस्म नहीं है…

शादी के बाद प्रियंका को जब पता चला तो वह स्वयं को ठगा हुआ महसूस करने लगी क्योंकि रवि से उसने यह उम्मीद कभी नहीं लगाई थी...

शादी के बाद प्रियंका को जब पता चला तो वह स्वयं को ठगा हुआ महसूस करने लगी क्योंकि रवि से उसने यह उम्मीद कभी नहीं लगाई थी…

“मुझे नहीं पता कि आखिर कब तक मैं तुम्हारे लिए केवल देह रहूंगी। तुम हर बार जुए में हार कर आते हो और मेरे शरीर पर अपने हारने का गुस्सा निकाल देते हो। जितना अधिक तुम्हें हारने की पीड़ा होती है, उससे ज्यादा तुम प्यार के नाम पर मेरे बदन को नोंच देते हो।” इतना कहते कहते प्रियंका के आंखों से आंसू फुट पड़े क्योंकि अब उसे बर्दाश्त नहीं करना था।

रवि और प्रियंका ने प्रेम विवाह किया था। रवि को सट्टे और जुए की लत थी, जिसे उसने प्रियंका से छुपाए रखा। शादी के बाद प्रियंका को जब पता चला वह स्वयं को ठगा हुआ महसूस करने लगी क्योंकि रवि से प्रियंका ने यह उम्मीद कभी नहीं लगाई थी कि वह जिससे प्यार करती है, वह इंसान ही उसे झूठ कहकर रिश्ता जोड़ देगा।

धीरे धीरे रवि के जुए की आदत बद से बदतर होने लगी और प्रियंका की जिंदगी नरक समान बन गई। प्रियंका के ऊपर घर समेत अनेक जिम्मेदारियां आ गई और रवि केवल जुए में पैसे लुटाने में मग्न रहने लगा।

प्रियंका ने बहुत समझाया मगर कहते हैं ना, थोथा चना बाजे घना। रवि के अंदर गुण नहीं था, वह केवल गुण होने का दिखावा करता था। ऐसे में रवि से समझने की उम्मीद लगाना बेमानी थी। स्थिति बदतर होती चली गई और अब रवि प्रियंका के शरीर के साथ खेलने लगा। बिस्तर पर प्रियंका की आवाज़ जितनी तेज होती, रवि को स्वयं पर उतना ज्यादा गुमान होता। प्रियंका के शरीर को वह वहशी के तरह नोचता और मन भर जाने पर छोड़कर चला जाता।

मगर आज प्रियंका की आंखों में भले आंसू थे, मगर उसे अब अपने शरीर के साथ खिलवाड़ नहीं करना था। स्त्री के लिए उसका आत्मसम्मान सब कुछ होता है, जिसे रवि ने शरीर में मिला दिया था।

प्रियंका ने अपने आंसू पोंछे और स्वयं को मजबूती के साथ खड़ा करते हुए कहा, “मेरी कमाई और मेरे शरीर के साथ खेलना बंद करो। तुम नहीं सुधरोगे यह मैं समझ चुकी हूं। तुम ना एक अच्छे पति हो और ना एक अच्छे इंसान।

दिनभर मैं काम करती हूं ताकि पैसे आएं और तुम मेरी मेहनत से की कमाई को लुटा आते हो, और उसके बाद मेरे शरीर से खेलते हो। मुझे तुम्हारे जैसा इंसान अपने जीवन में नहीं चाहिए इसलिए मैं तुम्हें आज़ाद कर रही हूं। आज से हम दोनों अलग हुए। तलाक के काग़ज़ पर दस्तखत कर दो और अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जियो। मैं अपने घर जा रही हूं।”

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इतना कहकर प्रियंका वहां से चली गई क्योंकि अब उसे सहना नहीं बल्कि जीना है। रवि चुपचाप प्रियंका को देखता रहा क्योंकि उसके पास कुछ बोलने के लिए नहीं था। आंखों में जुए का नशा समाया हुआ था और सामने उसके उसका सब कुछ लूट गया था।

मूल चित्र : Rahul Pandit via Pexels

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