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पापा, हर जगह तो डबल मीनिंग बातों और औरतों को ज़बरदस्ती छूने वाले पुरुष मौजूद हैं!

हर जगह डबल मीनिंग बातों और महिलाओं को ज़बरदस्ती छूने वाले पुरुष मौजूद हैं! कुछ ऐसे हैं जो दिखने में शरीफ और टॉप की कॉलेज से पढ़े हुए हैं...

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और ना पहनो चूड़ी-सिंदूर, लोग छेड़ेंगे ही…

स्वरा को ये बात बहुत अंदर तक चुभी। आदित्य ऐसी सोच वाला होगा ये उसने कभी नहीं सोचा था। किसी औरत के पहनावे से उसके छेड़ने ना छेड़ने का क्या मतलब।

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महिलाओं का खतना, एक ऐसी कुप्रथा जिस पर कई देशों ने आज भी साध रखी है चुप्पी

भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार भारत में महिलाओं का खतना का कोई डेटा रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए भारत में इस पर कोई विशिष्ट कानून भी नहीं है।

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अब बस! मुझे डायन और चुड़ैल कहना बंद कीजिए!

"मैं सबसे कहना चाहती हूँ मुझे डायन और चुड़ैल कहना बंद कीजिए! मैं जिंदा इंसान हैं और किसी भी अप्रत्याशित घटना के लिए मुझे दोषी मत ठहराइए।" 

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अगले जन्म मोहे बिटिया न कीजो, हिंसा का रोज़नामचा क्यों लगता है?
Representational Purpose

कुर्रतुल ऐन हैदर साठ के दशक में जब हिंदुस्तान पहुंचीं तो पहला बेशमीमती अफसाना जो उन्होंने लिखा, वह था अगले जन्म मोहे बिटिया न कीजो...

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जिसके कपड़े ऐसे हैं उसके लक्षण कैसे होंगे…

लेकिन अफ़सोस चंद्रा जी की परिस्थिति जाने बिना उनपे ऊँगली उठा दी थी बिल्डिंग की महिलाओं ने, वो भी सिर्फ उनके कपड़े देख।

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