मैं ऐसे लोगों को राह का कांटा या चाय में पड़ी मक्खी समझती हूँ

Posted: January 14, 2019

क्या करते है, कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं, इन सब चीजों के बारे में लड़कियों से ही क्यों, लड़कों से भी सवाल होने चाहिए।

राह चलते, सड़क पर, हम लड़कियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अभद्र व्यवहार, अभद्र टिप्पणी, अमर्यादित सोच वाले लोगों का सामना करना ही पड़ता है। ये लोग उसी भीड़ का हिस्सा होते हैं, जिनकी मानसिकता नीच प्रवृति की होती है। सरल शब्दों में कहूँ, तो ये लोग संकीर्ण और कुंठित होते हैं।

सड़क पर चलना हो, या फिर ऑटो या बस में सफ़र करना हो, इस तरह के लोग हर जगह मौजूद रहते हैं। इनकी शक्ल पर तो लिखा नहीं होता कि ये कैसे हैं, पर इनकी हरकत, इनकी बोली ही इनका आचरण दर्शा देती है। लड़कियों को जानबूझकर छूना, उनसे टकराना, उन पर सीटी बजाना, अश्लील इशारे करना, गाड़ी चलाते वक्त जान बूझकर पीछा करना, जहां-तहां गाड़ी खड़ी कर लड़कियों पर फब्तियां कसना, और मैं क्या लिखूं, शब्द कम पड़ जाएंगे। पर, ऐसे लोगों के चरित्र का वर्णन नहीं हो पाएगा।

इन सब कारणों से न जाने कितनी लड़कियां ख़ुद को समेट लेती हैं। वे बाहर जाना बंद कर देती हैं। कितनी लड़कियों की तो, पढ़ाई भी पूरी नहीं हो पाती। घर पर भी, डर के कारण, किसी को कुछ भी नहीं बतातीं, जिससे, इन लड़कों की हिम्मत और बढ़ जाती है। डर का एक अनजान साया इन पर हावी होने लगता है। कईयों के तो माता-पिता, भाई या परिवार के सदस्य भी इन सब कारणों से लड़कियों का बाहर आना-जाना बंद करवा देते हैं। क्योंकि, लोगों का मानना होता है, लड़कियों पर अगर कोई दाग़ लग गया या समाज-परिवार में कोई बात हो गई, तब उनका (लड़कियों) का क्या होगा? पर, जो लड़के इन सब कामों में मशगुल रहते हैं, और ख़ुद को ‘कूल डूड’  या ‘स्मार्ट’  समझते हैं, उनपर कोई आरोप क्यों नहीं लगाता? भरे समाज में उन पर  क्यों नहीं उठाई जाती? वे क्या करते है, कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं, इन सब चीजों के बारे में लड़कों से भी सवाल होने चाहिए। परिवार और समाज का कर्तव्य बुरी चीजों को खत्म करने का होना चाहिए।

राह चलते मुझे भी इन परिस्थितियों से दो-चार होना पड़ता है। मैं ऐसे लोगों को राह का कांटा या चाय में पड़ी मक्खी समझती हूँ, जिसे निकाला और फेंक दिया। अपनी आवाज़ से ऐसे लड़कों की आवाज़ दबा देनी चाहिए, ताकि, इनकी बोलती ही बंद हो जाए। सभी लड़कियों के अंदर एक ऐसा शोर होना चाहिए, जिसके आगे सभी मौन हो जाएं|

प्रथम प्रकाशित

मूल चित्र: Pexels

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