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meri awaaz suno
आखिरी बार कह रही हूँ अब मुझे विदा दो…

अपनी आँखों के सपने तकिये पे सूखाकर, सबके लिए वो बनने की कोशिश करते हूँ जो मैं नहीं...और तुम्हें बस मेरा शरीर दिखता है, मेरा मन नहीं...

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जो मेरे साथ हुआ, क्या वो हर घर में होता है?

मेरे ससुराल वाले मेरी तारीफ किया करते, जिससे मेरी जेठानी को बहुत प्रॉब्लम होती और वो रोज नए तरीके ढूंढतीं मुझे नीचा दिखाने के।

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मैं जानती हूँ हर दर्द के लिए कपड़े उतारने ज़रुरी नहीं होते…

जहां आपके साथ ज़बरदस्ती हो रही है, उसी घर में, उसी व्यक्ति के साथ, आपको इस तरह से व्यवहार करना होता है जैसे कुछ हुआ ही नहीं है...

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और जब मैंने अपनी ‘बस चुप रहो’ की चुप्पी तोड़ी तो…

बहुत बड़ी शरलाॅक होम्स बनी हो? किसी को बताने की जरूरत नहीं। घर के आदमी जाकर लड़ेंगे तो नाम तो तेरा ही आएगा और तेरी बदनामी होगी। बस चुपचाप रहो!

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चैलेंज एक्सेप्टेड: क्यों महिलाएं अपनी ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं?

आप को भी शायद कई लोगों ने ट्रेंडिंग 'चैलेंज एक्सेप्टेड' में ब्लैक एंड व्हाइट पिक्चर पोस्ट करने को कहा होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे की कहानी?

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