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Seema Taneja

Curious about anything and everything. Proud to be born a woman. Spiritual, not religious. Blogger, author, poet, educator, counselor.

Voice of Seema Taneja

क्या आप सोच सकते थे कि इस लॉक डाउन में पति के साथ लूडो खेलना इतना महंगा पड़ेगा?

लॉक डाउन में लूडो खेलने पर हुई ऐसी हिंसा के बाद हम यह सोचने पर विवश कर हैं कि आखिर क्यों महिलाएं ऐसे हिंसक और अहंकारी पति को माफ़ कर देती हैं।

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अब और नहीं! अब वक़्त है उस पुरानी और झूठी सीख को बदलने का!

अब प्यार और सद्भाव हो, शिवाले की घंटियां, अज़ान की रूहानियत, गुरबानी की तान हो, क्योंकि मैं ही नहीं, मेरा देश भी सजग सशक्त बने यही वक़्त की पुकार है।

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क्या हमारी पहचान हमारे नाम या जेंडर तक ही सीमित रहनी चाहिए?

बहुत से लोग अब अपने आप को नॉन बाइनरी के रूप में चिन्हित करना ज्यादा उचित समझते हैं, वे कहते हैं कि उनकी पहचान सिर्फ़ उनके शारीरिक अंगों से नहीं हो सकती।

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जब बात औरतों को डराने की हो तो, बलात्कार सबसे आसान विकल्प क्यों बन जाता है?

चाहे गलती हो या ना हो, किसी भी महिला को अपमानित करने के लिए उसके शरीर को इस्तेमाल करना सबसे आसान क्यों होता है, क्यों इतनी आसान है देनी बलात्कार की धमकी?

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पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के शब्द आपको भी कुछ सोचने को मजबूर करते हैं क्या?

पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग कहती हैं, 'हम सामूहिक विलुप्ति की कगार पर हैं और आप पैसों और आर्थिक विकास की काल्पनिक कथाओं के बारे में बातें कर रहे हैं?'

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हिंदी साहित्य और लेखन में महिलाएं – तब से अब तक हमेशा रहा योगदान और भागीदारी

ख़ुशी की बात है कि महिला लेखक अपने अनूठे अनुभवों और विचारों को सक्षमता से प्रस्तुत कर रही हैं। हिंदी साहित्य और लेखन में महिलाएं अपना स्थान बनाये हुए हैं। 

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