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अपने अंदर के रावण को अब स्वयं जलाना है…

तुमने मर्द बनकर कौन सा नाम कमाया है? शोषण करके स्त्री का मुंह बस दबाया है, बस अपने घमंड को ऊंचा रखने खातिर, रावण का तुमने पुतला जलाया है!

तुमने मर्द बनकर कौन सा नाम कमाया है? शोषण करके स्त्री का मुंह बस दबाया है, बस अपने घमंड को ऊंचा रखने खातिर, रावण का तुमने पुतला जलाया है!

क्यूं रावण का नाम बदनाम करते हो तुम,
क्या कभी खुद के अंदर के रावण को देखा है?
स्त्री के चरित्र और शरीर को तार-तार करते,
रावण से भयंकर दानव को तुममें देखा है!

मर्यादा का उल्लघंन ना करना सिर्फ हमें सिखाया है,
तुमने मर्द बनकर कौन सा नाम कमाया है?
शोषण करके स्त्री का मुंह बस दबाया है,
बस अपने घमंड को ऊंचा रखने खातिर,
रावण का तुमने पुतला जलाया है!

गर सच में रामचरित अपने अंदर लाना है,
तो आदर हर स्त्री के लिए लाना है,
खुद अडिग होकर जीवन में,
हर स्त्री के चरित्र को बचाना है,
दानव सा फ़न फैलाए गिद्धों को समाज से,
बहिष्कृत करके ही महिलाओं को सम्मान दिलाना है!

इसलिए इस विजयादशमी में रावण के पुतले को नहीं,
अपने अंदर के रावण को स्वयं जलाना है!

इमेज सोर्स : Still from Bhavai Trailer, YouTube(for representational purpose only)

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