कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

क्यों ना हम सब फिर से बच्चे बन जाएँ!

Posted: November 14, 2019

कोई क्या कहेगा, किसने क्या कहा, भूल जाएँ सब कुछ एक बच्चे की तरह, यकीन मानिए, ज़िंदगी बहुत आसान हो जाएगी, ना बोझ लगेगी, आसानी से कट जाएगी!

मैं समिधा नवीन , आप सब को अपनी एक कविता के माध्यम से बाल दिवस पर बहुत सारी शुभ कामनाएँ देती हूँ …

चलिए आज फिर से हम बच्चे बन जाएँ!

उतने ही निश्छल, छल-कपट से कोसों दूर …
चेहरे के साथ, दिल में मासूमियत लिए
बच्चों की तरह बस आज में जिएँ,
ना बीती सोचें, न कल में जिएँ
बहार बन कर बस छा जाएँ।
चलिए आज फिर से हम बच्चे बन जाएँ!

ना रंग-भेद हो, ना हो जाति का बन्धन,
ना कोई छोटा बड़ा हो, न असन्तुष्टि का क्रन्दन,
बस प्यारी सी मुस्कान लिए, बचपन फिर से जी जाएँ।
चलिए, आज फिर से हम बच्चे बन जाएँ!

बालपन गया जबसे, हम हो गए समझदार
छल, कपट, निन्दा और बस पैसा ही,
हो गया जीने का आधार।
बचपन में लौटने की बस,
छोटी सी गलती कर जाएँ
चलिए, आज फिर से हम बच्चे बन जाएँ!

कोई क्या कहेगा, किसने क्या कहा,
भूल जाएँ सब कुछ एक बच्चे की तरह
यकीन मानिए, ज़िंदगी बहुत आसान हो जाएगी,
ना बोझ लगेगी, आसानी से कट जाएगी।

जो मेरा कहा मन को कहीं छू जाए,
तो,
चलिए आज फिर से हम बच्चे बन जाएँ!
Youtube पर देखने के लिए नीचे लिखे link को click करिए। 

मूल चित्र : Pixabay

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

Vaginal Health & Reproductive Health - योनि का स्वास्थ्य एवं प्रजनन स्वास्थ्य (in Hindi)

टिप्पणी

अपने विचारों को साझा करें, विनम्रता से (व्यक्तिगत हमला न करें! वेबसाइट के नीची भाग में पूरी टिप्पणी नीति पढ़ें |)

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

क्या आपको भी चाय पसंद है ?