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Samidha Naveen Varma

मैंने English Literature में M.A. किया है । Professional Translator हूँ ।Autocad and Computer कोर्स किया है और 3 वर्षों तक कॉन्वेन्ट स्कूल में कम्प्यूटर विषय की शिक्षा भी दी है । किन्तु अपनी भावनाओं को कविता या लेखों के माध्यम से हिन्दी भाषा में व्यक्त करना मुझे ज्यादा पसन्द है । लेखन, अध्ययन, Quotations का संग्रह करना और कुकिंग का शौक है । यूट्यूब पर मेरे चैनल का लिंक.... https://www.youtube.com/channel/UCbBl_Ksx28_35OufSk_Z4WQ

Voice of Samidha Naveen Varma

एक विकल्प इस वैश्विक महामारी को हराने का

माना कि आसान नहीं, ये मुश्किल की घड़ी, पर मुश्किलों को हरा के ही मिलती हैं खुशियाँ बड़ी, मुश्किल है ये युद्ध पर असम्भव नहीं, कोरोना को हरा कर विजय पाएँगे हम।

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गर्व से कहती हूँ मैं, मैं हूँ आधुनिक नारी

मेरी क्षमताओं को तुम, भूल से भी कम न आँकना, प्रमाण चाहिए तो ज़रा इतिहास में भी झाँकना, बुलन्द हौसले हैं मेरे, गर्व से कहती हूँ मैं, मैं हूँ आधुनिक नारी।

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अब तो होली खेलन आओ कन्हाई…

ज़रूरत है मानव जाति को, फिर गीता के सन्देश की, महाभारत से भी बड़ा युद्ध है, कैसे होगी भरपाई, ब्रज की रज में होली खेलन तुम फिर से आओ कन्हाई।

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जो मंजिल पाने की ज़िद हो तेरी तो ख़ुद पर ऐतबार ज़रूरी है

दूसरों से उम्मीद अब बहुत हुयी अब खुद पे ऐतबार ज़रूरी है, अगर चाह है कि बदल जाए ये दुनिया, तो सबसे पहले ख़ुद का बदल जाना भी ज़रूरी है।

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आइये हम सब मिल कर इस नव वर्ष की शुरुआत इस संकल्प से करें!

एक संकल्प नव वर्ष के लिए - जब नर और नारी दोनों मिल कर, सृष्टि की रचना कर सकते हैं, क्यूँ नहीं दोनों मिल कर इस धरा को, राक्षस विहीन कर सकते हैं?

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स्वादिष्ट पेड़े घर में यूँ चुटकियों में बनाएं और सबकी वाह वाही पाएं

स्वादिष्ट पेड़े घर में? जी हाँ, अगर मैं कहूँ कि बहुत ही आसान हैं तो क्या आप इसको आज़माना नहीं चाहेंगीं? तो चलिए देर किस बात की?  

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आटे का केक बनाएँ कड़ाही में, बिना अंडे, बिना माइक्रोवेव के, इस रेसिपी के साथ

विमेंस वेब ने जब कुकिंग की एक मैजिकल टिप साझा करने को कहा तो मैंने सोचा क्यों ना मैं आटे का केक बनाने की विधि आप के साथ साझा करूँ।

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कुछ और ज़्यादा नहीं, बस इतना ही चाहती हूँ!

मेरे शब्द और कर्म से पहचानों मुझको, सूरत, सौंदर्य और क्षमता तो बदलेगी उम्र के साथ-साथ, मेरी भावनाओं से मेरी कद्र पहचानी जाए, बस इतना ही चाहती हूँ। सूरत, सौंदर्य और क्षमता तो बदलेगी उम्र के साथ-साथ मेरी भावनाओं से मेरी कद्र पहचानी जाए, बस इतना ही चाहती हूँ। मेरे शब्द और कर्म से पहचानों […]

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क्यों ना हम सब फिर से बच्चे बन जाएँ!

कोई क्या कहेगा, किसने क्या कहा, भूल जाएँ सब कुछ एक बच्चे की तरह, यकीन मानिए, ज़िंदगी बहुत आसान हो जाएगी, ना बोझ लगेगी, आसानी से कट जाएगी!

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आइये इस दिवाली पटाखों और मिठाइयों के साथ थोड़ा इन बातों पर भी ध्यान दें

तैयार है भारत की लक्ष्मी, विश्व में परचम लहराने को क्यूं न इस दीवाली पर हम, छोटा सा एक प्रण करें, अपमानित न हो कोई लक्ष्मी, इसका दृढ़ संकल्प करें!

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कन्या पूजन और नवरात्रि तक ही क्यों सीमित रहती है हमारी श्रद्धा?

कन्या पूजन और नवरात्रि के अवसर पर सोचिये नारी यदि दुर्गा है, देवी है, शक्ति है तो नारी शक्ति को कम मत आँकिए, उसका एक रूप माँ काली भी है।

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बेटियाँ हैं तो अस्तित्व है मेरा, आपका और समस्त मानव जाति का

पढ़िए एक माँ का भावनाएं अपनी बेटी के लिए - बेटियाँ हैं तो अस्तित्व है मेरा, आपका और समस्त मानव जाति का, और ये केवल मेरी ही नहीं, शायद हर माँ की अनुभूति होगी।

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हिन्दी के सम्मान में, कुछ भावनायें मेरी समर्पित है

हिन्दी के सम्मान में, कुछ भावनायें मेरी समर्पित है। बड़ों के लिए आदर हिन्दी में, छोटों के लिए प्यार है। जो हिन्दी को व्यवहार में लाए, उसके लिए आदर सत्कार है!

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