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अपने स्वाभिमान से समझौता करना नहीं सीखा मैंने…

स्त्री होना ही तेरा क़ुसूर है, ज़माने की इसी सोच से लड़कर जीना सीखा मैंने। हर वक्त लड़ी हूँ अपने अस्तित्व की खातिर लेकिन आज...

स्त्री होना ही तेरा क़ुसूर है, ज़माने की इसी सोच से लड़कर जीना सीखा मैंने। हर वक्त लड़ी हूँ अपने अस्तित्व की खातिर लेकिन आज…

स्त्री होना ही तेरा क़ुसूर है,
ज़माने की इसी सोच से लड़कर जीना सीखा मैंने।

हर वक्त लड़ी हूँ अपने अस्तित्व की खातिर,
खुद से लड़ कर ही जीतने का हुनर सीखा मैंने।
पग-पग पर मिली आलोचना और नसीहतें,
ज़माने की ठोकरों से गिरकर सम्भलने का हुनर सीखा मैंने।

शिथिल नहीं पड़े पंख मेरे,
नन्हें परिंदे से आसमाँ को छूने का हुनर सीखा मैंने।
अभिमान नहीं है फ़ितरत मेरी,
पर स्वाभिमान से समझौता करना नहीं सीखा मैंने।

इमेज सोर्स : Still from The Dowry Prohibition Act 1961, Anmol Pranaami, YouTube

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Samidha Naveen Varma

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