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क्या पता इस बार मेरी मन्नत पूरी हो जाए…

कन्या पूजन के दिन कन्या बड़ी मुश्किल से मिलती हैं, पता नहीं कहाँ गयीं? मैंने इतनी श्रद्धा से व्रत रखें हैं, क्या पता इस बार माता हमारी सुन ले!

कन्या पूजन के दिन कन्या बड़ी मुश्किल से मिलती हैं, पता नहीं कहाँ गयीं? मैंने इतनी श्रद्धा से व्रत रखें हैं, क्या पता इस बार माता हमारी सुन ले!

मिनी के पैदा होने पर सावित्री जी ने पूरा अस्पताल रो-रो कर अपने सर पर उठा लिया था और अपनी बहू को अगली बार लड़का पैदा करने के लिए ज़मीन-आसमान एक करने को कहा! अभी तो दो-तीन और बच्चे पैदा कर ही सकती थी उनकी बहू।

अगर ये लड़का पैदा करके नहीं देगी तो तीन बहुएं आनी तो बाकी हैं ही…

“देख कविता माता रानी की मुझ पर बड़ी कृपा है! मैंने चार पड़के पैदा किये! चार! लगता है तेरी किस्मत थोड़ी ऐसी ही है!”

शायद यही उनकी इस जीवन की कमाई थी! उनके सर का ताज! खुद को महारानी से कम न समझती थीं सावित्री जी!

खैर!

“सुनो कविता! सुबह ज़रा पाँच बजे उठ जाना। कन्या पूजन है कल। सारा खाना नहाकर ही बनेगा। कन्या पूजन बड़ी श्रद्धा से किया जाता है और इस दिन कन्या भी तो बड़ी मुश्किल से मिल पाती हैं। और मैंने इतनी श्रद्धा से नवरात्री के व्रत रखें हैं, क्या पता इस बार माता रानी हमारी सुन ले और मुझे पोता दे दे।”

सावित्री जी बड़ी प्रसन्न नज़र आ रही थीं।

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“दादी, कल तो मेरी पूजा होगी ना और मुझे गिफ्ट और पैसे भी मिलेंगे!”

पाँच वर्षीय मिनी ने चहकते हुए दादी से पूछा तो दादी ने बिना उसकी तरफ देखे कहा, “हाँ मिनी, तेरे को इस गिफ्ट की पड़ी है? सबसे बड़ा गिफ्ट तो माता रानी देंगी तुम्हें इस बार! तुम्हारा भाई!”

सावित्री जी और मिनी की बातें सुन कविता सोच रही थी कि कैसी ढोंगी मानसिकता है? कन्या-पूजन के लिए कन्या बाहर से चाहिए लेकिन घर की कन्या बोझ लग रही है? क्या होगा जब जबरदस्ती कानून के खिलाफ जा कर कराये गए टेस्ट की असलियत सामने आएगी? करवाये गये टेस्ट की रिपोर्ट आने पर वह समझ नहीं पा रही थी कि रिपोर्ट देखकर सावित्री जी क्या प्रतिक्रिया देंगी अब।

बच्चे जुड़वाँ थे! एक लड़का और एक लड़की!

लेकिन सबसे ज्यादा खुशी पेट मे पल रही उस लड़की को थी जो शायद दादी की बातें सुन कर दुखी तो थी लेकिन साथ पल रहे भाई को दुआयें दे रही थी।

“मेरे भाई तेरी लम्बी उम्र हो। तेरी वजह से मै भी इस दुनिया मे आ पाऊँगी। वरना पिछली बार की तरह इस बार भी जन्म लेने से पहले कोख में ही मार दी जाती। अब शायद मुझे इस दुनिया में आने से कोई नहीं रोक सकता!”

इमेज सोर्स : Still from Durga/ContentkaKeeda, YouTube

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Samidha Naveen Varma

Samidha Naveen Varma Blogger | Writer | Translator | YouTuber • Postgraduate in English Literature. • Blogger at Women's Web- Hindi and MomPresso. • Professional Translator at Women's Web- Hindi. • I like to express my views on various topics read more...

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