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काबिलियत के रंग के सामने कोई और रंग कहाँ टिक पाया है कभी!

Posted: अक्टूबर 8, 2019

दुनिया मेरे रंग पर तरह-तरह की बात करती, दादी सिर पीट रही थी, पर मां और पिता जी की तो मैं ही  राजकुमारी थी, सबसे प्यारी राजकुमारी!
“लड़की और इतना काला रंग!”

“हे भगवान! कौन शादी करेगा?”

दादी सिर पीट रही थी पर मां और पिता जी की मैं राजकुमारी ही थी।

दुनिया मेरे रंग पर तरह-तरह की बात करती। पर मां और पिता जी, मेरे आत्मविश्वास को नहीं टूटने देते।

“दुनिया है! वो तो चांद में भी दाग ही देखती है। तू ध्यान मत दे, पढ़ाई कर खूब।”

पढ़कर शहर आई तो देखा, डार्क ब्यूटी के भी कद्र-दान हैं। माॅडलिग में कदम रखा। फोटोग्राफी सीखी और दुनिया पर छा गयी।

ये इस रंग पर बात करने वालों को एक तमाचा था।

मूल चित्र : Unsplash

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