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रुबीना दिलैक ने एक करारे जवाब से किया ‘फैट-शेम’ करने वालों को शर्मिंदा

कुछ लोगों को रुबीना दिलैक की बीमारी, आंसू और हिलिंग नहीं नज़र आई। नज़र आया तो उनका बढ़ा वज़न! और ये खुद को उनका फैन मानते हैं...

लेकिन कुछ लोगों को रुबीना दिलैक की बीमारी, आंसू और हिलिंग नहीं नज़र आई। नज़र आया तो बीमारी के बाद उनका बढ़ा वज़न! और ये खुद को उनका फैन मानते हैं…

आजकल बॉडी शेमिंग तो जैसे नया ट्रेंड हो गया है। किसी को ये बात समझ नहीं आती कि आप किसी को भी उसके शरीर या लुक्स को लेकर कुछ गलत नहीं कहना चाहिए। लेकिन अपनी सोच और आदत से मजबूर सोशल मीडिया पर बैठी जनता इतना कहां सोचती है।

बिग बॉस की विनर रुबीना दिलैक को हाल ही में उनके वज़न बढ़ने पर ट्रोल किया गया है। इसी साल रूबीना कोरोना ग्रसित हो गई थी जिससे रिकवर होने के बाद उनका वज़न थोड़ा बढ़ गया था। ऐसा हमें नहीं कुछ बेवकूफ़ यूज़र्स को लगता है। रूबीना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और कुछ ना कुछ नया पोस्ट करती रहती हैं। अपने ट्रोल्स को लेकर भी रूबीना ने हाल में एक पोस्ट लिखते हुए उन्हें करारा जवाब दिया है।

रूबीना लिखती हैं, “मेरे प्यारे शुभचिंतकों, मैं देख रही हूं कि आपको मेरा बढ़ता वज़न परेशान कर रहा है। आप लगातार मुझे कई हेट मैसेज और मेल्स भेज रहे हैं। आपको लगता है अगर मैं कोई पीआर हायर नहीं करती या फिर पैपराज़ी को मेरी तस्वीरें लेने के लिए टिप नहीं करती तो मेरी कोई वैल्यू नहीं है। आप मुझे ये धमकी देते हैं कि हम आपका फैंडम छोड़ देंगे क्योंकि अब मैं मोटी हो गई हूं , मैं डिज़ाइनर कपड़े नहीं पहनती और मैं किसी बड़े प्रोजेक्ट के लिए मेहनत नहीं कर रही हूं। ख़ैर, आपका ये सब सोचना मेरे लिए काफी निराशाजनक है क्योंकि आपके लिए मेरी मेहनत और प्रतिभा से ज़्यादा मेरी शारीरिक बनावट अहमियत रखती है। लेकिन मेरे पास आप सबके लिए एक अच्छी ख़बर है। ये मेरी ज़िंदगी है और इसके कई पड़ाव हैं और आप जैसे झूठे फैंस भी ज़िंदगी का एक पड़ाव ही हैं।

PS-मैं अपने फैंस का सम्मान करती हूं इसलिए मुझे ऐसा कहने वाले खुद को मेरा फैन ना कहें।”

रूबीना की इस पोस्ट के बाद कई लोगों ने उनको सराहा है और उनका सपोर्ट किया है। बिग बॉस फेम हिमांशी खुराना ने लिखा है, “हमें कभी किसी के दर्द को कम नहीं आंकना चाहिए क्योंकि हर कोई अपनी ज़िंदगी में संघर्ष कर रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ लोग अपना दर्द दूसरों से बेहतर छिपाना जानते हैं। मैं रुबीना दिलैक से सहमत हूं क्योंकि शायद लोग भूल गए हैं कि बॉडी सिर्फ साइज़ की नहीं होती… मुझे लगा था शायद कोरोना के बाद लोग थोड़ा सेंसेटिव व्यवहार करेंगे।”

कोरोना इंफेक्टेड होने के बाद रुबीना काफी लंबे समय तक अपने घर में रहीं। उन्होंने अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए अच्छा खाना खाया और क्योंकि कोरोना के वक्त शरीर में अधिक ऊर्जा नहीं रहती इसलिए अपना रुटीन वर्कआउट स्किप करके हल्के-फुल्के व्यायाम पर ध्यान दिया। कोरोना से अपनी इस लड़ाई ने बाकियों की तरह उन्हें भी काफी तोड़ दिया था लेकिन उन्होंने अपनी इच्छाशक्ति से खुद को फिर से स्वस्थ किया। कई महीने पहले कोरोना से ठीक होने के बाद उन्होंने यू-ट्यूब पर माय रोड टू रिकवरी नाम से एक वीडियो भी शेयर की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी यह यात्रा आंसुओं, प्यार और हिलिंग से भरी थी। लेकिन कुछ लोगों को उनके ये आंसू और हिलिंग नहीं नज़र आई। नज़र आया तो बीमारी के बाद उनका बढ़ा वज़न!

परपेक्ट बॉडी बस एक भम्र है

हम कितनी आसानी से किसी को भैंस, मोटी, मोटा, सूजा हुआ और कोई पतला हो तो उसे माचिस की तीली, डंडा जैसे नाम दे देते हैं। हम एक बार भी नहीं सोचते कि क्या जाने वो इंसान किस परिस्थिति से जूझ रहा है। हम किसी के कॉन्फिडेंस को एक छोटी सी बात कहकर तार-तार कर देते हैं। हो सकता है कोई मोटा ही रहना चाहता है ये उसकी च्वाइस भी हो सकती है। हो सकता है कोई पतला रहना चाहता है। परफेक्ट बॉडी नाम की कोई चीज़ नहीं होती। सबका शरीर और उसकी बनावट अपनी-अपनी होती है। अगली बार जब आप किसी को कुछ ऐसा कमेंट करें तो पहले खुद को आइने में ज़रूर देख लीजिएगा और सोचिएगा की अगर आपको कोई ऐसा कुछ कहेगा तो कैसा लगेगा।

कोई दिखने में बहुत खूबसूरत है उसका बॉडी स्ट्रक्चर भी अच्छा है लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि उसकी तुलना में दूसरा व्यक्ति कम है। आप किसी के शरीर की किसी दूसरे के शरीर से तुलना नहीं कर सकते। आप मसल बना सकते हैं, टोन्ड शरीर बना सकते हैं लेकिन ऐसा करने के बाद भी आपका शरीर किसी दूसरे के जैसा नहीं होता है क्योंकि उसकी अपनी अलग बनावट है।

हमें परफेक्ट बॉडी के मिथ को तोड़कर हेल्दी बॉडी के सच को अपनाना चाहिए।

इमेज सोर्स: Rubina Dilaik, Instagram

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