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क्या दिल्ली के इन 8 सस्ते बाज़ारो में आपने शॉपिंग की है?

जब भी आपको दिल्ली आने का मौका मिले तो इन बाजारों की रौनक ज़रूर देखिएगा। इनकी की ख़ास बात ये है कि आपकी जेब को थोड़ा आराम देता है।

जब भी आपको दिल्ली आने का मौका मिले तो इन बाजारों की रौनक ज़रूर देखिएगा। इनकी की ख़ास बात ये है कि ये आपकी जेब को थोड़ा आराम देता है।

दिलवालों की दिल्ली आने का मौका मिले तो यहां के कुछ बाज़ारों में ज़रूर जाएं। हर जगह ना सही तो इनमें से एक बाज़ार में तो चले ही जाइए।

इन बाज़ारों की ख़ास बात ये है कि यहां मिलने वाला सामान आज की महंगाई में भी आपकी जेब को थोड़ा आराम देता है। फिर चाहे वो कपड़े हो, इलेक्ट्रॉनिक सामान हो या फिर घर का फर्नीचर, आपको क्वॉलिटी और क्वॉंटिटी में सामान मिल जाएगा।

हां, एक बात ज़रूर है कि सामान खरीदने के लिए आपको बहुत सारा वक्त और बहुत सारी हिम्मत की ज़रूरत पड़ेगी क्योंकि इन बाज़ारों की गलियों में हमेशा भीड़ रहती है। तो आइए घूमते हैं दिल्ली के कुछ ऐसे ही बाज़ारों में जहां के कोने-कोने में ख़ज़ाने छुपे हुए है- 

जनपथ और पालिका मार्केट

सेंट्रल दिल्ली का सबसे बड़ा पटरी बाज़ार है जनपथ और पालिका बाज़ार। ऊपर से लेकर अंडरग्राउंड तक आपको एक चीज की 10-10 दुकानें मिल जाएंगी। बंटवारे के बाद आए शरणार्थियों और तिब्बंती शरणार्थियों ने अपनी दुकानें बनाकर इस मार्केट को बसाया था।यहां आपको सस्ते कपड़े मिल जाएंगे लेकिन इसके लिए मोल भाव करना आना चाहिए।

पालिका बाजार 1970 में बना था और तब से अब तक इसका क्रेज बना हुआ है। वैसे तो ये खासकर सस्ते इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपडों के लिए फेमस है लेकिन इसके अलावा भी आपको यहां जूतों से लेकर नाइटवियर, परफ्यूम, एसेसरीज़, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर डीवीडी और सीडी चीजों की बहुत सारी दुकानें मिलेंगी।

पालिका बाजार इतना बडा है कि यहां एक वक्त में 15,000 लोग समा सकते हैं। जनपथ के एक हिस्से में करीब 400 दुकानें हैं जहां भारतीय हस्तशिल्प का सामान देखा और खरीदा जा सकता है। यहां भले ही ब्रांड ना मिलें पर असली भारतीय शिल्प के असली वैल्यू प्रोडेक्ट मिलते हैं। अक्सर आपको कई विदेशी पर्यटक इस हिस्से में शॉपिंग करते हुए दिखाई देंगे।

रविवार को ये बाजार बंद रहता है तो प्लान उसी हिसाब से करिएगा।

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सरोजिनी नगर

ये बाजार दिल्ली की लड़कियों की जान है। यहां पर सिर्फ 50 रुपये से कपड़ों की शुरुआत हो जाती है यानी बजट में पूरी शॉपिंग। आप सुबह यहां आ जाएं तो आराम से पूरा दिन शॉपिंग कर सकती हैं।

वैसे तो यहाँ पर दुकानें भी हैं, लेकिन स्ट्रीट वेंडर इस मार्केट की लाइफ लाइन हैं, जो घर की साज़ सजावट के सामान से लेकर, फैशनेबल कपड़े, बैग, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, बेल्ट, स्वेटर, जूते और बहुत कुछ सामान रखते हैं। बस आप नाम लीजिए, और आपको वो सामान यहाँ मिल जाएगा।

यहाँ आकर कभी मायूसी नहीं होती क्योंकि हर बार यहाँ नए स्टाइल, डिजाइन और लेटेस्ट फैशन की चीज़ें मिलती हैं। चाहे वो सेलिब्रिटीज का फैशन हो, या आने वाले समय का स्टाइल, सब कुछ।

सोमवार को सरोजिनी नगर बंद रहता है तो पालिका बाजार ना जा पाएं तो यहां आ जाइएगा।

 

लाजपत नगर

आपको एथनिक वेयर बजट में खरीदना है तो लाजपत नगर आपके लिए बेस्ट मार्केट है। लेकिन उससे भी बेस्ट ये हैं कि इस बाजार में आपको अपनी या किसी भी शादी का सारा सामान मिल जाता है। मैंने खुद की शादी में भी यहां से काफी सामान लिया था और वो भी क्वॉलिटी चेक के साथ। यहां के मेहंदी वाले दिल्ली के बेस्ट हैं।

कपड़ों के साथा-साथ आपको यहां होम डेकौर और कई तरह के फैब्रिक्स मिल जाते हैं। कई फैशन स्टूडेंट्स यहां से अपने लिए सस्ते फैब्रिक की शॉपिंग करने आते हैं। यहां से कुछ ले या ना लें लेकिन फुटवियर लेना मत भूलिएगा। बेस्ट, लेटेस्ट और चिपेस्ट फुटवियर शोरूम हैं यहां।

यह मार्केट भी सरोजिनी नगर की ही तरह सोमवार को बंद रहती है तो इसके अलावा जिस भी दिन फ्री हो जरा घूम आइए।

 

कमला नगर

दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैम्पस से लगता ये बाज़ार स्टूडेंट के बीच बहुत पॉपुलर है। ये जगह डीयू के स्टूडेंट्स के हैंग आउट प्वाइंट है। लेकिन यहां सिर्फ स्टूडेंट ही नहीं बल्कि हर कोने से लोग खरीददारी करने आते हैं।

यहां की सड़कें एक बड़े चौराहे की वजह से गोलाकार रूप में फैली हैं, जहां चारों ओर कई शोरूम हैं। मार्किट के निचले तलों पर रिटेल स्टोर तथा रेस्तरां हैं और ऊपरी हिस्से में आवासीय क्वार्टर हैं।

मैंने इस बाजार से अपने घर में रखे सोफे के लिए 300 रुपए में 5 कुशन कवर लिए थे। ऐसी कई डील आपको भी यहां मिल सकती हैं। इनके अलावा यहां कुछ टैटू पार्लर और थीम मेकअप सैलून भी है जो युवाओं के बीच काफी पॉपुलर हैं।

सोमवार को ये बाजार बंद रहता है तो आप आसानी से किसी वीकेंड पर यहां आकर अपना शॉपिंग बैग भर सकते हैं।

 

करोल बाग

दिल्ली में कई बाजार है लेकिन करोल बाग की बात ही कुछ और है। इसे दिल्ली की पंजाबी बिरादरी का सेंटर माना जाता है। सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक यहां रौनक रहती है।

सेंट्रल दिल्ली का ये बाजार आपको निराश नहीं करेगा। यहां का अजमल खाँ रोड अपने रेडीमेड, सूती और कढ़ाई वाले कपड़ों के लिए फेमस है। देखिए कपडे, किताबें, ज्वैलरी और खाने-पीने से इतर आपको करोल बाग में आपको वो मिलेगा जो पूरी दिल्ली में नहीं मिलेगा और वो है यहां का सबसे सस्ता सेकेंड हैंड कार बाजार।

यहां पर मारुति से लेकर महिंद्रा, फोर्ड, हुंडई, वोक्सवैगन समेत कई ब्रांड की कार मौजूद हैं। देखने में इन कार की कंडीशन बेहतर होती है, लेकिन लेने के पहले आप अपनी तरफ से कार अच्छे से चेक कर सकते हैं।

 

दिल्ली हाट

ये बाजार कपडों और हस्तशिल्प से ज्यादा खाने के लिए फेमस है क्योंकि यहां भारत के कई राज्यों की ऑथेन्टिक फूट स्टॉल्स हैं। दिल्ली अगर देश का दिल है तो दिल्ली हाट दिल्ली का दिल है।

6 एकड़ में फैला ये बाजार आपका दिन बेहतर कर देगा। दिल्ली हाट को सरकार द्वारा कारीगरों को उनके कलात्मक माल को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक जगह के रूप में स्थापित किया था जो आज सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी लोकप्रिय हो गया है।

इस बाजार की खास बात ये है कि यहां एक ऑडिटोरियम है जहां कई मौकों पर कार्यक्रम भी किए जाते हैं। 2011 में भारत में पहला कॉमिक कॉन दिल्ली हाट में ही हुआ था।

यहां की टिकट सिर्फ 30 रुपए हैं और यह सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है।

 

चांदनी चौक

ये नहीं देखा तो दिल्ली नहीं देखा। ये बाजार एक नहीं कई बाजारों में बंटा है। पुरानी दिल्ली का आधार चांदनी चौक लाल किले के लाहौरी गेट से शुरू होकर फतेहपुरी मस्जिद तक फैला हुआ है। खरीदारी के लिए यह सबसे उपयुक्त स्थान है।

भारी जनसंख्या वाला यह बाज़ार तीन शताब्दियों से अधिक समय से मौजूद है, जहां तुर्की, चीन और हॉलैण्ड तक से व्यापारी आया करते थे।

यहां का दरीबा कलां अपने मोतियों, सोने और चांदी के आभूषणों तथा इत्र (प्राकृतिक सुगंधियां) के लिए जाना जाता है।मसालों के शौकीनों को खारी बावली अवश्य जाना चाहिए – मत भूलें कि यह मसाले ही थे जिन्होंने भारत को पश्चिम से रूबरू कराया था।

ज़री और ज़रदोजी की गोटा-किनारी और पन्नियों के लिए किनारी बाज़ार उपयुक्त स्थान है। कटरा नील के कपड़ा बाज़ार में हर प्रकार का कपड़ा जैसे सिल्क, सेटिन, क्रेप, कॉटन और मसलिन खरीदा जा सकता है।

भगीरथ पैलेस बिजली के सामान की एशिया की सबसे बड़ी मार्किट है, साथ ही यहां डाक्टरी उपकरण और एलौपैथिक दवाएं भी मिलती हैं।

 

नेहरू प्लेस बाजार

-यह बाजार कम्प्यूटर और इलेकट्रॉनिक बाजार के नाम से भी जाना जाता है। यदि आपकंप्यूटर या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान के कलपुर्जे खरीदना चाहते हैं तो यहां आपको कम पैसे में अच्छा सामान मिल जाएगा।

इसके अलावा यहां सी.डी. और सॉफ्टवेयर और साथ ही इस्तेमाल हो चुकी पुरानी किताबें भी मिलती हैं। पुरानी इस्तेमाल हो चुकी किताबें भी यहां बहुतायत में मिलती हैं। मोलभाव करना न भूलें।

इस मार्केट में बेहतर कंडीशन का लैपटॉप सिर्फ 5 हजार रुपए किलो के हिसाब से खरीद सकते हैं। स्मार्टफोन से जुड़ी चीजे भी आपको यहां आसानी से मिल जाएंगी। लेकिन एक बाद याद रखिएगा कि आपको सही सामान की पहचान करना आना चाहिए।

 

इन बाजारों में जाने के लिए कुछ बातें जरूर ध्यान रखिए

  • शॉपिंग के समय अपनी बार्गेनिंग स्किल का इस्तमाल करें और दुकानदार की बताई कीमत के मुकाबले अपनी ओर से कम प्राइस बताएँ और ऐसे जतायें मानों आप खरीदने में ज़्यादा इच्छुक नहीं हैं।
  • वीकडेज़, खासतौर से दोपहर के बाद यहाँ जाना सबसे सही है क्योंकि शनिवार और रविवार तो यहाँ इतनी भीड़ होती है कि मार्केट में पैर रखने की जगह भी नहीं होती।
  • इन सभी बाजारों में खरीदारी के अलावा आपको एक से बढकर एक खाने की चीज़ें मिलेंगी इसलिए यहां शॉपिंग करते-करते खाना ना भूलिएगा।

दिल्ली में इन बाजारों के अलावा और भी कई ऐसे इलाके हैं जहां आप अच्छी और सस्ती शॉपिंग का लुत्फ उठा सकते हैं। बस आपको एक ही बात याद रखती है कि भले ही आप सामान सस्ता खरीद रहे हैं, लेकिन एक जागरूक ग्राहक की तरह आपको ध्यान में रखना होगा कि कम पैसे के चक्कर में कोई बेकार चीज ना लें। तो अगली बार जब भी आपको दिल्ली आने का मौका मिले तो इन बाजारों की रौनक ज़रूर देखिएगा।


मूल चित्र: popxo via YouTube

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