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मैं भी सोचने लगी कि काश मेरी भी एक बेटी होती…

"मैं अपने बेटे अरहान के साथ बहुत सी चीजों पर चर्चा करती हूं, जैसे कि क्या हम एक बच्चे को गोद लेकर उसे एक परिवार और प्यार दे सकते हैं।"

“मैं अपने बेटे अरहान के साथ बहुत सी चीजों पर चर्चा करती हूं, जैसे कि क्या हम एक बच्चे को गोद लेकर उसे एक परिवार और प्यार दे सकते हैं।”

बॉलीवुड दिवा मलाइका अरोड़ा ने हाल में ये ज़ाहिर किया है कि वो एक बेटी गोद लेने की इच्छा रखती है और इस बारे में उन्होंने अपने बेटे अरहान से भी बात की है। गौरतलब है कि मलाइका की शादी अरबाज़ ख़ान से हुई थी और अरहान उनका बेटा है। हालांकि 2017 में शादी के 20 साल बाद मलाइका और अरबाज़ ने अलग होने का फ़ैसला ले लिया था।

बच्ची गोद लेने की बात तब ज़ाहिर हुई जब डांस रिएलिटी शो में एक नन्ही कंटेस्टेंट फ्लोरिना का डांस मलाइका के दिल को छू गया। मलाइका अरोड़ा इस डांस रियलिटी शो की जज हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक इंटरव्यू में अभिनेत्री ने कहा कि ‘मैं एक लड़कियों से भरे परिवार से आती हूं लेकिन अब हम सबके बेटे ही हैं। किसी की बेटी नहीं है। मैं अपने बेटे से बहुत प्यार करती हूं लेकिन कभी-कभी लगता है कि काश मेरी एक बेटी भी होती क्योंकि मेरी ख़ुद एक बहन है और हम दोनों एक-दूसरे से इतने जुड़े हुए हैं कि सब कुछ शेयर करते हैं। किसी भी मां के लिए, बच्चों के आस-पास होना बहुत ही खूबसूरत होता है। फ्लोरिना की फरफॉर्मेंस ने मुझे इतना इमोशनल कर दिया और मैं भी सोचने लगी कि काश मेरी एक बेटी होती जिसे मैं तैयार कर पाती, स्टाइलिश कपड़े पहनाती, सजाती और उसे देखकर खुश हो जाती।’

“काश मेरी एक बेटी होती” – मलाइका अरोड़ा

एक सवाल के जवाब में मलाइका ने कहा कि ‘मेरे कई दोस्तों ने बच्चों को गोद लिया है। बच्चे आपकी जिंदगी में ख़ुशियां भर देते हैं। मैं अपने बेटे अरहान के साथ बहुत सी चीजों पर चर्चा करती हूं, जैसे कि क्या हम किसी दिन एक बच्चे को कैसे गोद लेकर उसे एक परिवार और प्यार दे सकते हैं। मैं अपने बेटे से हर चीज़ पर बात करती हूं ये भी उन्हीं बातों में से एक है लेकिन फिलहाल कोई प्लानिंग नहीं है।’

बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों ने बेटियों को गोद लिया है और इसमें सबसे पहला नाम सुष्मिता सेन का आता है। जिन्होंने साल 2000 में महज़ 24 साल की उम्र में एक अनाथ बच्ची को गोद लेकर दुनिया को चौंका दिया था। सुष्मिता ने ना सिर्फ बच्ची को गोद लिया बल्कि सिंगल पेरेंट की ज़िम्मेदारी भी संभाली। इसके बाद उन्होंने पहली बेटी रैने के 10 साल की होने पर दूसरी बेटी अलीशा को गोद लिया। आज सुष्मिता अपनी दोनों बेटियों के साथ एक ख़ुशहाल जीवन बिता रही हैं।

अपने वक्त की मशहूर हीरोइन रवीना टंडन ने भी सिर्फ़ 21 साल की उम्र में दो लड़कियों को गोद लिया था। पूजा और छाया को जब वो अपने घर लेकर आई थीं जो उनकी उम्र 11 और 8 साल थी। रवीना के गोद लेने का फ़ैसला आसान नहीं था क्योंकि वो दौर दूसरा था। साल 2004 में शादी होने के बाद रवीना के एक बेटा-बेटी भी हुए लेकिन फिर भी उन्होंने अपनी दोनों गोद ली हुई बच्चियों की पूरी ज़िम्मेदारी निभाते हुए उन्हें अच्छी शिक्षा दी और दोनों की शादी भी कराई।

अभिनेत्री मंदिरा बेदी ने भी पिछले साल अपने स्वर्गीय पति राज कौशल के साथ चार साल की तारा को गोद लिया था। उनका अपना एक 9 साल का बेटा भी है। आज पति के जाने के बाद मंदिरा के दोनों बच्चे उनकी ताक़त हैं।

एक्ट्रेस सनी लियोनी और उनके पति डेनियल वेबर ने 2017 में महाराष्ट्र के अनाथालय से 2 साल की बच्ची को गोद लिया था। सनी से पहले उस बच्ची को कई कपल्स ने गोद लेने से सिर्फ इसलिए इनकार कर दिया था कि उसका रंग काला था लेकिन इस जोड़े को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ा। निशा के अलावा सनी और डेनियल के सेरोगेसी से हुए 2 बेटे भी हैं। प्रीति ज़िंटा ने साल 2009 में एक या दो नहीं बल्कि ऋषिकेश के अनाथालय की 34 लड़कियों को गोद लिया था और वो आज तक उनकी पढ़ाई से लेकर हर तरह की ज़रूरतों की ज़िम्मेदारी उठा रही हैं।

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बदलते वक्त के साथ-साथ औरतें इस बात का फ़ैसला ख़ुद लेना चाहती हैं कि वो मां कैसे बनें। गोद लेने से आप किसी ऐसे बच्चे या बच्ची की ज़िंदगी संवारते हैं तो जीवन में हर चीज़ से वंचित रहते हैं। यदि आप इतने सक्षम हैं कि किसी को नई ज़िंदगी दे सकते हैं तो इससे बेहतर और क्या हो सकता है।

भारत में CARA (Central Adoption Resource Authority) के जरिये एडॉप्‍शन की पूरी गाइडलाइन दी गई है। अगर आप बच्‍चे को गोद लेने का मन बना रहे हैं तो सबसे पहले वेबसाइट www.cara.nic.in पर जाकर पूरी गाइडलाइन ज़रूर पढ़ लें। बच्चा गोद लेने के लिए कुछ ज़रूरी बातें होती हैं –

1) भावी माता-पिता को भावनात्मक, शारीरिक, मानसिक और आर्थिक तौर पर सक्षम होना चाहिए।

2) अगर आप विवाहित हैं तो दोनों पति-पत्नी की रज़ामंदी से ही बच्चा गोद ले सकते हैं। लेकिन आपकी शादी को कम से कम 2 साल हो चुके हों।

3) एक सिंगल महिला पेरेंट लड़का या लड़की, किसी को भी गोद ले सकती है लेकिन एक सिंगर पुरुष पेरेंट बेटी को गोद लेने योग्य नहीं माना जाता।

एक तरफ़ कई लोग बच्चों को गोद लेने के लिए आगे आ रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ़ आज भी अधिकतर लोग बच्चा गोद लेने में असहज महसूस करते हैं। वो ‘अपना ख़ून और अपना बच्चा’ जैसे जकड़े हुए विचारों से आगे बढ़ना ही नहीं चाहते। कई ऐसे दंपति भी होते हैं जिनकी औलाद नहीं होती है लेकिन फिर भी वो गोद लेने के विकल्प को नहीं चुनना चाहते। यूं तो हम कहते हैं कि बच्चा भगवान का रूप होता है लेकिन हम फिर भी हज़ारों ‘अनाथ भगवान’ को अपनाना नहीं चाहते।

2019 के महिला और बाल विकास मंत्रालय के मुताबिक, 5,033 लड़कियों समेत कुल 8,677 बच्चे ऐसे हैं जो गोद लिए जाने के लिए उपलब्ध हैं। फिलहाल, ये सभी बच्चे चाइल्ड केयर इंस्टिट्यूट और स्पेशल एडॉप्शन एजेंसीज में हैं लेकिन इनका भविष्य क्या होगा किसी को नहीं पता।

आप सोच भी नहीं सकते कि आपका गोद लेने का फ़ैसला इनकी ज़िंदगी की तस्वीर बदल सकता है। सोचिए अनाथ बच्चों को ना तो मां-बाप का प्यार मिलता है ना ही उन्हें परिवार के मायने पता होते हैं। किसी के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए करोड़पति होने की ज़रूरत नहीं होती बस ज़रूरी होता है एक दयालु दिल।

मूल चित्र : SET India, YouTube

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