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कैप्टन ज़ोया अग्रवाल अपनी महिला पायलट टीम के साथ एक नया इतिहास रच रही हैं

Posted: जनवरी 9, 2021

पहली बार एयर इंडिया की कैप्टन ज़ोया अग्रवाल की महिला टीम दुनिया के सबसे लंबे हवाई मार्ग पर उत्तरी ध्रुव के ऊपर उड़ान भरने जा रही हैं।

एयर इंडिया की महिला पायलट टीम अब एक नया इतिहास रच रही हैं। एयर इंडिया की महिला पायलट की एक टीम दुनिया के सबसे लंबे हवाई मार्ग पर उत्तरी ध्रुव के ऊपर उड़ान भरने जा रही है। यह सैन फ्रांस्सिको (एसएफओ) से उड़ान भरेंगी और 9 जनवरी को बेंगलुरु पहुंचेगी। इस उड़ान से लगभग 16,000 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। एयर इंडिया की कैप्टन ज़ोया अग्रवाल, इस उड़ान की कमान संभालेंगी। सबसे ख़ास बात है कि कैप्टन ज़ोया अग्रवाल की टीम में सभी महिलाएं ही हैं। कैप्टन जोया इसके लिए बहुत उत्साहित हैं।

कैप्टन ज़ोया अग्रवाल ने इस बारे में बात करते हुए कहा, “यह पहली बार है जब पायलटों की ऐसी टीम, जिसमें सिर्फ महिलाएं होंगी, वह उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरेगी। यह एक तरह से इतिहास रचना होगा। यह करना किसी भी पेशेवर पायलट के लिए सपने की तरह है, जो सच होने जा रहा है। मुझे गर्व है कि मेरी टीम में कैप्टन पापागारी, आकांक्षा सोनावने और शिवानी मन्हास जैसी अनुभवी कैप्टन हैं।”

कैप्टन ज़ोया अग्रवाल इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा चुकी हैं

कैप्टन ज़ोया अग्रवाल उत्तरी ध्रुव पर उड़ान की कमान सँभालने वाली एयर इंडिया की पहली महिला कमांडर बनेंगी। इससे पहले भी वे इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा चुकी हैं। जोया 2013 में बोइंग -777 उड़ाने वाली सबसे कम उम्र की महिला पायलट थी।

“मैं बोइंग 777 पर दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला कमांडर हूं। भले ही महिलाएँ सामाजिक दबाव का सामना करें लेकिन उनमें आत्म विश्वास होना चाहिए कि कोई भी कार्य असंभव नहीं है।” कैप्टन ज़ोया अग्रवाल का कहना हैं।  

उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरना बहुत चुनौतीपूर्ण है

एयर इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि ‘उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उड़ान भरना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। इस मार्ग के लिए एयरलाइन कंपनियां अपने अनुभवी और सर्वश्रेष्ठ पायलटों को भेजती हैं। एयर इंडिया ने इस बार एक महिला कप्तान को सैन फ्रांस्सिको से बंगलुरू जाने के लिए ध्रुवीय मार्ग से यात्रा की जिम्मेदारी दी है।’

“दुनिया के अधिकांश लोग उत्तरी ध्रुव या यहां तक कि इसके नक्शे को भी अपनी लाइफ में नहीं देख सकते हैं” उत्साहित कैप्टन ज़ोया अग्रवाल ने एएनआई को बताया। आगे उन्होंने कहा, “सिविल एविएशन मिनिस्ट्री और हमारे फ्लैग कैर्रिएर के द्वारा मुझ पर जताये इस विश्वास से वास्तव में मुझे प्रिविलेज्ड और उनका आभारी महसूस होता है। यह पहली बार है जब कोई महिला-पायलट पायलट टीम उत्तरी ध्रुव पर उड़ान भरेगी और एक तरह का इतिहास बनाएगी। ये मेरे लिए और पूरी टीम के एक बहुत बड़ा अवसर है।”

मूल चित्र : ANI, Twitter

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