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हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय के लिए ये 5 जूस हैं ज़रूरी!

अगर आप भी कुछ आसान से हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय खोज रहें हैं तो ये 5 तरह के घर में आसानी से बनने वाले जूस रखेंगे आपकी सेहत का ख्याल...

अगर आप भी कुछ आसान से हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय खोज रहें हैं तो ये 5 तरह के घर में आसानी से बनने वाले जूस रखेंगे आपकी सेहत का ख्याल…

हीमोग्लोबिन की कमी पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक देखी जा सकती है। बढ़ती उम्र के साथ-साथ यह मात्रा और भी कम होती रहती है लेकिन अक्सर महिलाएं इसके प्रति अपेक्षित रवैया अख्तियार करती हैं। ऐसे समय में जब दुनिया महामारी से लड़ रही है शरीह में हीमोग्लोबिन की सही मात्रा का होना बहुत आवश्यक है।

हीमोग्लोबिन आपके रेड ब्लड सेल्स में मौजूद वह प्रोटीन है जो शरीर के अंगों और टिश्यूज़ में ऑक्सीज़न की ज़रूरी मात्रा पहुंचाता है और बिना ऑक्सीज़न के शरीर का कोई भी अंग अच्छे से काम नहीं कर पाता। हीमोग्लोबिन लेवल कम की होने का साफ-साफ मतलब ये है कि आपके शरीर में रेड ब्लड सेल्स कम हैं और ऑक्सीज़न भी। महिलाओं के लिए हीमोग्लोबिन का औसतन स्तर 12.0 से 15.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर माना जाता है।

क्योंकि हमारे यहां घरवालों को पहले खिलाकर फिर खुद खाने वाली महिलाएं अपने स्वास्थ्य को इग्नोर कर देती हैं जिसके कारण उनकी डायट का सीधा प्रभाव हीमोग्लोबिन की मात्रा पर पड़ता है। शरीर में थकान, सिर दर्द तो इसके आम लक्षण हैं लेकिन कई बार तो स्थिति इतनी विकट हो सकती है कि महिला डिप्रेशन में भी जा सकती है। हीमोग्लोबिन की कमी गर्भवति महिलाओं में, पीरियड के दौरान अधिक ब्लीडिंग होने की वजह से या फिर आयरन से भरपूर फूड्स नहीं खाने की वजह से होती है।

आज हम आपको हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय में शामिल कुछ ऐसे जूस बताने वाले हैं जिन्हें अपनी डायट में शामिल करके आप हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ा सकती हैं।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय और ये 5 जूस

बीटरूट या चुकंदर का जूस

चुकंदर में विटामिन-बी, विटामिन-सी, फॉस्फोरस, कैल्सियम, प्रोटीन और ऐंटिऑक्सीडेंट्स होते हैं। जो शरीर में ब्लड प्यूरिफिकेशन और ऑक्सीजन बढ़ाने का काम करते हैं। जो शरीर में ब्लड प्यूरिफिकेशन और ऑक्सीजन बढ़ाने का काम करते हैं। सेहत के सिकंदर चुकंदर का यह जूस ना सिर्फ आपके रेड ब्लेड सेल्स बढ़ाएगा बल्कि आपकी थकान को भी दूर कर देगा

चुकंदर जूस को बनाने का तरीका

चुकंदर को गाजर, अदरक के साथ मिलाकर पीने से और भी फायदा होगा। इन तीनों चीज़ों को छील कर काट लें और टुकड़ों को मिक्सर में पीस लें और इसे छान लें। बस इस जूस को और भी मज़ेदार बनाना है तो ज़रा सा नींबू का रस डाल लीजिए और चाहें तो नमक डाल पर भी पी सकते हैं। पूरी रेसीपी यहां देख सकते हैं।

पालक और मिंट जूस

पालक में मिनरल्स, विटामिन, मैगनीज, कैरोटीन, आयरन, आयोडीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सोडियम, फॉस्फोरस और आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं। पालक के इतने फायदे हैं जिसकी वजह से इसे सुपरफूड कहा जाता है। हीमोग्लोपबिन की कमी होने पर पालक का सेवन करने से शरीर में इसकी कमी पूरी होती है। गर्भवती महिलाओं को भी पालक का जूस पीने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह आय़रन की कमी को दूर करता है।

पालक जूस को बनाने का तरीका

पालक और पुदिने की पत्तियों को धोकर मिक्सर में पीस लें और छान लें। फिर इसमें भुना ज़ीरा, काला नमक और नींबू मिलाकर पीएं। ये ना सिर्फ स्वादिष्ट लगेगा बल्कि सेहतमंद भी होगा।

हलीम जूस

हलीम के बीज को ‘फंक्शनल फूड’ भी कहा जाता है क्योंकि यह आपकी डाइट को बेहतर तरीके से कंट्रोल रखने में मदद करता है। फंक्शनल फूड उसे कहते हैं जिसमें हेल्‍थ प्रमोटिंग या रोगों से लड़ने वाले तत्व मौजूद होते हैं। हलीम के जूस से आपको विटामिट ई, प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड और पर्याप्त मात्रा में फाइबर मिलेंगे जिससे शरीर और मस्तिष्क में ऑक्सीजन बढ़ेगी। इसका सीधा प्रभाव हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा पर पड़ता है।

हलीम जूस को बनाने का तरीका

हलीम (चंद्रशूर का पौधा) को एक कटोरे में डालें और इसमें आधा कप पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण को 2 घंटे के लिए ढककर रख दें और पीने से पहले इसमें नींबू का थोड़ा सा रस मिला लें। हलीम के बीजों को आप पीसकर भी पानी के साथ ले सकते हैं।

अनार का जूस

अनार में मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन सी के अलावा आयरन भी अच्छी मात्रा में होता है। अनार के जूस से आपके शरीर में शूगर लेवल और कोलेस्ट्रोल मेंटेन रहता है जिसके कारण हीमोग्लोबिन की सही मात्रा शरीर में बनी रहती है। अक्सर डॉक्टर शरीर में खून की कमी होने पर अनार खाने या इसका जूस पीने की सलाह देते हैं क्योंकि यह ब्लड को बढ़ाता है।

अनार के जूस को बनाने का तरीका

अनार का जूस बनाने के लिए आपको अनार के ढेर सारे दाने चाहिए क्योंकि एक अनार के दाने से तो कुछ नहीं होगा। कम से कम ग्लास भर जूस बनाने के लिए आपको 4-5 अनार चाहिए। इसे बस मिक्सर में पीस लीजिए और फिर छानकर, नमक डालकर पी लें। इस विधि के अलावा एक गिलास गुनगुने दूध में दो चम्मच अनार पाउडर डालकर पीने से हीमोग्लोबिन बढ़ाया जा सकता है।

संतरे का जूस

सर्दियों का राजा संतरा आपको बहुत फायदे पहुंचाता है। संतरे सीट्रस फ्रूट होता और इसीलिए इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी होता। विटामिन सी शरीर में आयरन की कमी नहीं होने देता है और आपको हाइड्रेट रखता है। जब शरीर में पानी की मात्रा बनी रहती है तो खून में ऑक्सीज़न भी बनी रहती है और बल्ड बनने की प्रक्रिया सुचारू रूप से काम करती है।

संतरे के जूस को बनाने का तरीका

संतरों को छील कर अच्छे से धोने के बाद मिक्सर में पीस लें। एक बर्तन में थोड़ा सा पानी और चीनी मिलाकर अच्छे से उबाल लें। जब चीनी पूरी तरह घुल जाए तो ठंडा होने के बाद संतरे के रस को छानकर उसमें मिला दें। आपकी इच्छा हो तो इसमें थोड़ा सा नमक और नींबू का रस भी मिला सकते हैं। इसका स्वाद लाजवाब होगा।

तो ये हैं आसान से हीमोग्लोबिन बढ़ाने के उपाय लेकिन ख्याल रखें प्रोसेस्ड जूस या ट्रेटा पैक के जूस से अच्छा यही है कि आप घर में आसानी से जूस बनाकर उनका सेवन करें ताकि आपको इसका भरपूर फायदा मिल सके। जूस निकालने में आपको कुछ मिनट ज्यादा लग सकते हैं लेकिन जो स्वाद और संतुष्टि आपको मिलेगी उसका आनंद की कुछ ओर होगा। तो सभी महिलाओं से मेरी यही दरख्वास्त है कि अपना ख्याल रखें, समय पर खाना खाएं और ये छोटी-छोटी चीज़ें अपनी डाइट में शामिल कर शरीर को स्वस्थ बनाएं। 

मूल चित्र : JESHOOTS via Pexels

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