कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

ज़िंदगी को आज फिर गले लगा लिया है…

आँखों की नमी को फिर पोंछ लिया है, लबों को आज फिर मुस्कुरा लिया है। छोड़कर सारी चिंताएँ ज़िंदगी को आज फिर गले लगा लिया है।

आँखों की नमी को फिर पोंछ लिया है, लबों को आज फिर मुस्कुरा लिया है। छोड़कर सारी चिंताएँ ज़िंदगी को आज फिर गले लगा लिया है।

दिल के टुकड़ों को आज फिर संजों लिया है,
धड़कनों को थमने से आज फिर रोक लिया है।

ख़ुशी के उन लम्हों को आज फिर याद कर लिया है,
कमजोर पलों को फिर मज़बूत कर लिया है।

आँखों की नमी को फिर पोंछ लिया है,
लबों को आज फिर मुस्कुरा लिया है।

दर्द को आज फिर गहराइयों में दफ़न कर लिया है,
एकबार फिर आशाओं का ख़्वाब बुन लिया है।

छोड़कर सारी चिंताएँ ज़िंदगी को आज फिर गले लगा लिया है।

मूल चित्र : Pexels

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

Never miss real stories from India's women.

Register Now

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

टिप्पणी

About the Author

45 Posts | 235,215 Views
All Categories