कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

वो माँ है तो क्या, थोड़ा बचपना अभी भी बाकी है

Posted: जुलाई 24, 2019

अनुभव का भंडार है पर, नये तरीकों को आज़माती है, अपने बचपन की तस्वीरों में, आज भी कहीं खो जाती है। 

थोड़ी नटखट सी है वो
अकसर नादानियाँ कर जाती है
अपने जोड़ो के दर्द को भूल कर
बरसात में वो छत चढ़ जाती है

वो माँ है तो क्या
कुछ बचपना अभी भी बाकी है

हमें आइस-क्रीम के बहाने
वो ख़ुद आइस-क्रीम खाती है
बताशे के ठेले पर
वो आज भी रूक जाती है

वो माँ है तो क्या
कुछ बचपना अभी भी बाकी है

बाजार करने निकलो तो बच्चों की
तरह ज़िद पर अड़ जाती है
बर्फ़ का गोला दिख जाए तो
चुस्कियां लेकर खाती है

वो माँ है तो क्या
कुछ बचपना अभी भी बाकी है

अनुभव का भंडार है पर
नये तरीकों को आज़माती है
अपने बचपन की तस्वीरों में
आज भी कहीं खो जाती है

वो माँ है तो क्या
कुछ बचपना अभी भी बाकी है

खुद में मस्त होकर भी
वो हर कदम पर साथ निभाती है
थोड़ी चालू सी थोड़ी मासूम सी
वो माँ है मेरी
थोड़ा बचपना अभी भी बाकी है।

मूलचित्र : Max Pixel

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

घर के बाहर काम करने से क्या मैं बुरी माँ बन जाऊँगी?

टिप्पणी

Women In Corporate Allies 2020

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

Women In Corporate Allies 2020