कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

अब तू खुद को मना, अपनी दोस्त बन कर…

कभी माता पिता तो कभी पति का सोचा तूने, कभी बच्चों के लिए रात भर जागी, तो कभी उन्हीं भारी पलकों के साथ पति का इंतजार किया तूने...

कभी माता पिता तो कभी पति का सोचा तूने, कभी बच्चों के लिए रात भर जागी, तो कभी उन्हीं भारी पलकों के साथ पति का इंतजार किया तूने…

औरत तेरे कितने रूप
कभी बेटी बहन पत्नी तो कभी माँ

हर रिश्ते को खुद की पहचान बनाई तूने 
हर रिश्ते को निभाना सिखा तूने

हर कदम फूंक फूंक कर रखे तूने 
कभी माता पिता तो कभी पति का सोचा तूने 

कभी बच्चों के लिए रात भर जागी
तो कभी उन्हीं भारी पलकों के साथ पति का इंतजार किया तूने 

पर हे जननी, इन सब में आखिर तू कहाँ गई
क्यों खो दिया तूने खुद को इन सभी के बीच

क्यों तूने खुद को इतना नीचे गिरने दिया कि तेरे बच्चे भी तेरा इस्तेमाल करें
पहचान इन सब चेहरों के पीछे छुपे मतलब को

सबकी जिम्मेदारी तूने बखूबी निभाई
अब खुद के प्रति निष्ठा दिखा

Never miss real stories from India's women.

Register Now

बहुत हुआ रोना धोना, दूसरों को मनाना
अब खुद को मना अपनी दोस्त बन कर, अपनी सच्ची साथी बन कर

मूल चित्र : Canva

पसंद आया यह लेख?

पाइये विमेन्सवेब के सारे दिलचस्प हिंदी लेख अपने ईमेल इनबॉक्स मे!

विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो।यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों  तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।

टिप्पणी

About the Author

3 Posts | 10,637 Views
All Categories