यात्रा
मैं भी मुसाफ़िर – सफ़र और मेरा रिश्ता कुछ ऐसा है जैसे रुई के फ़ाहे और बयार का

दूर तक फैले खेत, जंगल, हरियाली के मनोहारी दृश्य, जिन्हें कलाकार अपने चित्रों में उतारते हैं, आँखों के सामने दौड़ते तो मन रोमांच से भर जाता।

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मेरे पहले एकल सफ़र ने सिखाया कि अगर हम ख़ुद के साथ हैं तो हमें किसी की भी ज़रूरत नहीं

माना ज़िंदगी तेरे इम्तिहान हज़ार हैं पर इन इम्तिहानों में भी ज़िंदगी गुलज़ार है, तू अपने इम्तिहानों का सिलसिला जारी रख, नए हौंसलों के साथ हम भी तैयार हैं। 

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जो सफ़र प्यार से कट जाए प्यारा है सफ़र, कुछ ऐसा ही था मेरा पहला एकल सफ़र!

इस सफर ने मुझे अपना आकलन करने को प्रेरित किया। हम महिलाओं को रोज़मर्रा की आपाधापी के बीच अपने लिए कुछ वक़्त ज़रूर निकालना चाहिए और किसी सफ़र पर जाना चाहिए।

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मेरी हिंदी की गूँज विदेशी धरती तक – हिंदी मेरा अभिमान

हमारे जीवन में हमारी भाषा हिंदी का वही स्थान है जो ब्रम्हाण्ड में सूर्य का है, अर्थात हिंदी बोलने वालों की पूरी दुनिया हिंदी के इर्द-गिर्द ही घूमती है।

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आँखों ही आँखों में कटी, नहीं भूलती वो रात

"आप सभी लोग बिलकुल परेशान न हों। आप अपना सामान साथ लीजिये और हमारे घरों में चल कर आराम करें। भोजन भी हमारे साथ ही हो जायेगा।"

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