रिश्ते
नर तू जीवनदात्री बिन पूर्ण नहीं

सम्मान करो उसकावह तो जीवनदात्री हैउड़ने दो उन्मुक्त गगन में उसकोजिसकी वह अधिकारी हैनारी बिन नर का अस्तित्व नहींनर! नारी बिन कभी पूर्ण नहीं

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