कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

नारीवादी कविता
नारी तुम क्या हो – कल्पना चावला या दुर्गा, सीता या लक्ष्मीबाई?

बुद्धिमती, कर्मठ प्रयत्नशील नारी शक्ति हो तुम, अंतरिक्ष में उड़ने वाली कल्पना चावला हो तुम - नारी एक, रूप अनेक की परिकल्पना को पूर्ण करती है ये सुंदर कविता।  

टिप्पणी देखें ( 0 )
माना है तुझमें क्षमा की शक्ति फिर भी जगा ले अंदर की शक्ति!

अपनी ताकत का भी करना पड़ता है प्रदर्शन, जब दुश्मन अपने इरादों से बाज ना आए, जब गलतियां बढ़ अपराध बन जाए, शक्ति से कर पथ प्रदर्शन विनय भाव का!

टिप्पणी देखें ( 0 )
सिर्फ दूसरों की ख़ुशी लिए जीते हुए, कभी अपने अपने लिए भी जीना सीखें…

एक नया आशियाँ अब उसने भी बनाया है, मंजिलों की राहों को छोड़ कर, यूँ ही चलते चलते अब इन राहों पर ज़िंदगी जीने के नए बहाने मिल गए हैं।

टिप्पणी देखें ( 0 )
मैं दोबारा जन्म लेकर इस दुनिया में आना चाहती हूं मगर तब जब…

ऐसा नहीं है कि मैं दोबारा जन्म नहीं लेना चाहती पर इस बार मेरी अपनी कुछ शर्तें होंगी, क्या आप इन्हें मानने के लिए तैयार हैं?   

टिप्पणी देखें ( 0 )
रोके तो भी ना रुके, नारी तेरी शक्ति असीम!

इतिहास गवाह है कई उदाहरण हैं, नारी हर क्षेत्र में आगे बढ़ी है, उनकी वीर गाथायें असाधारण हैं, पहले भी थी मुश्किलें कुछ अब भी खड़ी हैं।  

टिप्पणी देखें ( 0 )
आखिर कब तक नारी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ेगी? आखिर कब तक?

मैं ही तो वह कुंजी हूँ, जो घर आँगन महकाऊँ, पर मेरे भी, कुछ सपने हैं, जिनका तुम सम्मान करो, सिर्फ औरत ही क्यों करे समर्पण, तुम भी कुछ योग्यदान दो। 

टिप्पणी देखें ( 0 )
post_tag
%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be
और पढ़ें !

Women In Corporate Allies 2020

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

Women In Corporate Allies 2020