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दर्द
सूरत अग्निकांड – अपनों का, सपनों का अग्निकांड

इन सभी बच्चों में शीतल भी थी। उसके मुंह से लगातार 'मम्मी-मम्मी' निकल रहा था। वह नहीं जानती थी कि हर दुःख से दूर रखने वाली उसकी मम्मी यहां नहीं है। 

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