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घर परिवार
क्यों मेरी कमाई से तुम्हारा घर नहीं चलता?

मैं सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक घर और ऑफिस के काम में लगी रहती हूँ, कभी थकती भी हूँ, फिर भी यही सुनने को मिलता है कि करती क्या हो?

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मैरिटल रेप, कई घरों में छिपा एक घिनौना सत्य

कुछ पुरुष यह समझते हैं कि शादी का मतलब उन्हें कभी भी अपनी पत्नी के साथ जबरदस्ती करने का लाइसेंस मिल गया है, वह पत्नी नहीं एक वस्तु मात्र है।

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जब दहेज की कोई वैल्यू नहीं, तो इसे लेना बंद करें

बात छोटी है लेकिन सच, बहू के साथ लाए दहेज़ की कोई वैल्यू नहीं होती और कई जगह ससुराल की मिट्टी पर भी झूठा घमंड और लोक दिखावा किया जाता है।

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अब लोक-दिखावे के लिए काहे का स्टाइलिश होना

बच्चों के सामने लड़ाई-झगड़ा करने से, उनके बारे में बुरे, गलत तरीके से बोलने से बनती बात भी बिगड़ सकती है और इसका असर पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है।

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‘वो जैसी भी है मेरी पत्नी है’ क्या आप भी ऐसा मानते हैं?

"कसम से आप इतनी मासूम हो कि मेरे जैसा इंसान आपके ऊपर होने वाली ज्यादती बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। पता नहीं ये लोग किस मिट्टी के बने हैं।"

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अरे! जाते समय मुझे बोलकर जाने की तो बनती है न सैंया जी!

अपने बहु-बेटे या बेटी-दामाद के विवाह होने के बाद ज़िम्मेदारियों और अपेक्षाओं पर खरे उतारने के पूर्व उनको एक दूसरे को समझने का अवसर अवश्य ही प्रदान करें।  

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