Vineeta Dhiman

मै विनीता धीमान M.A,B.ed हूं। दो प्यारे बच्चों की माँ हूँ। मुझे लिखना पसंद है और नये दोस्त बनाना भी।

Voice of Vineeta Dhiman

क्यों बच्चों को बिगाड़ने में हमेशा माँ का हाथ होता है, पिता का नहीं?

आज भी बच्चों की परवरिश में माँ का योगदान ज़्यादा रहता है। बच्चों को बिगाड़ने और सँवारने में जितना माँ का योगदान है, उतना ही पिता का भी फ़र्ज़ होना चाहिये।

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हे भगवान् मदद कर दो! सब सही करना!

इतना सुनते ही मैंने अपने बेटे को गोद में उठाया और निकल पड़ी हॉस्पिटल की तरफ। पूरे रास्ते भगवान् से दुआ माँगती रही, हे भगवान् सब सही करना।

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माँ बन कर जाना, मेरी दुनिया मेरे बच्चे

उस समय मानो सब कुछ मिल गया, खुशी के दो आंसू निकल पड़े। समय निकलता गया। मेरे बच्चे के साथ मेरा रिश्ता भी बनता रहा।

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आपको बीमार होने का हक नहीं है

अब सच्चाई यह है कि आप शादी के बाद बीमार नहीं हो सकतीं। आपको बीमार होने का हक ही नहीं है, क्यूंकि आप तो बहू हैं।

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