Nirja Krishna

Voice of Nirja Krishna

आस्था और तर्क के बीच ताल-मेल बनाए रखना कितना ज़रूरी है?

निराहार से दादी की तबियत गड़बड़ होने लगी, पर बिना कलश स्थापना किए खाने को तैयार ही नहीं थीं इससे घर के सभी सदस्य परेशान होने लगे।

टिप्पणी देखें ( 0 )

अपना ईमेल पता दर्ज करें - हर हफ्ते हम आपको दिलचस्प लेख भेजेंगे!

क्या आपको भी चाय पसंद है ?