कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

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साल 2020 के रमज़ान और इफ्तार के दिनों में बढ़ रही हैं दिलों की नज़दीकियां

इफ्तार के समय मैं महसूस कर सकती हूँ कि ईद या किसी भी अन्य भारतीय त्यौहारों को सोशल डिस्टेंसिंग के रहते मानना, हम सभी के लिए मुश्किल होगा।  

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जामिया के छात्र और छात्राओं के साथ पुलिस का अत्याचार किस संस्कृति का उदाहरण?

दिसंबर 15, 2019 की शाम को शांति से विरोध प्रदर्शित कर रहे जामिया मिलिया के छात्रों को पुलिस ने बेरहमी से पीटा और इसमें महिला छात्रा भी मौजूद थीं।

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औरतों के हारमोन्स और उनके मूड का बहुत गहरा संबंध है, आइये इसके बारे में और जानें

औरतों के हारमोन्स का प्रभाव सीधे उनके व्यवहार पर पड़ता है जिसके कारण वे अक्सर मूडी प्रतीत होती है या चिड़चिड़ेपन का शिकार हो सकती हैं।  

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विवाह और महिलाओं का मानसिक स्वास्थ्य – कैसे प्रभावित होती हैं महिलाएं?

विवाह और महिलाओं का मानसिक स्वास्थ्य आपस में गहरा रिश्ता दर्शाते हैं, कई मर्तबा महिलाएं विवाह के साथ आने वाले बदलावों और झटके से व्याकुल हो जातीं हैं।

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मैं ब्राह्मण की बेटी हूँ जिसने SC में शादी की और मुझे इस बात का कोई पछतावा नहीं

मैं ब्राह्मण परिवार से हूँ और मैंने एक अनुसूचित जाती के जने से शादी की है और ये बात हमारे समाज में आज भी बहुत बड़ी बात है #noregrets 

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menstrual cup
मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग – इस नए विकल्प से जुड़े सवाल और जवाब

मेंस्ट्रुअल कप, एक नया विकल्प! मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग : "अगर टॉयलेट न हो तो?" और अन्य सवाल जिनके जवाब आप हमेशा से जानना चाहती थी!

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आज फिर जीने की तमन्ना है, आज फिर मरने का इरादा…बिल्कुल नहीं !

WHO के अनुसार, हर साल लगभग एक लाख लोग आत्महत्या के कारण मरते हैं। यह आत्महत्या के प्रयास करने के बावजूद, एक खुशहाल जीवन जीने की कहानी है।

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कमला भसीन : मेरी सूरत पसंद न करे चलता है, मैं ख़ुद को कमतर मानूं, खलता है!

ख़ूबसूरती चेहरों में नहीं होती, वो तो दिलों से निकली ज्योति। ब्यूटी इंडस्ट्री ने ख़ूबसूरती को फ़क़त ३६-२६-३६ बता, औरतों को बार्बी डॉल सा बना दिया - कमला भसीन 

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दुनिया का सबसे बड़ा युद्ध – महिलाओं और लड़कियों पर होने वाली हिंसा : कमला भसीन

दुनिया का सबसे बड़ा युद्ध है महिलाओं और लड़कियों पर होने वाली हिंसा। हमारे समाज में घर में होनी वाली हिंसा सामने नहीं आती, कहती हैं कमला भसीन। 

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‘पितृसत्ता के अंतिम संस्कार का समय आ पहुँचा है’-कमला भसीन

दुर्भाग्यवश हमारे परिवार और धर्म जिन्हें समानता और न्याय के पक्ष में खड़ा होने चाहिए था, वे ही पितृसत्ता के सबसे बड़े हिमायती और शालाएं या मदरसे बने बैठे हैं। 

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‘मेरे नारीवाद’, इसलिए क्योंकि कमला भसीन की नज़र में एक नहीं, अनेक हैं नारीवाद

कमला भसीन के नारीवाद का मक़सद है सब की बराबरी, सब की आज़ादी, इसीलिए इस नारीवाद में हैं ट्रांसजेंडर और मर्द, हम महसूस करते हैं सब जेंडर्स और सेक्सेस के दर्द।

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कर्तव्य कर्मा का मिशन-महिला सशक्तिकरण

कर्तव्य कर्मा संस्था से जुड़ी हुई महिलाओं को सिर उठाकर समाज में जीने का हक हासिल हुआ है। वो स्वावलंबी हुई और उनको अपनी पहचान बनाने का मौका भी मिला।

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Women In Corporate Allies 2020

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