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तनाव, एक अनियंत्रित समस्या

अक्सर लोग तनाव को गंभीरता से एक बीमारी के रूप में नहीं लेते हैं और इस वजह से तनाव हमारे ऊपर शारीरिक और मानसिक तौर पर हावी होता जाता है।

तनाव एक चुनौती की प्रतिक्रिया है। भागदौड़ भरा जीवन,अधिक काम का बोझ या किसी चीज के बारे में जरूरत से अधिक सोचने के कारण तनाव हो सकता है। भागदौड़ भरे जीवन में अधिकतर लोगों को तनाव हो जाता है लेकिन तनाव कम समय के लिए हो तभी अच्छा होता है।

यदि तनाव को हम लंबे समय के लिए लेते हैं तो यह घातक साबित भी हो सकता है। अभी के समय में तो मानो तनाव सभी के जीवन का एक हिस्सा हो गया हो लेकिन जीवन का यह हिस्सा अस्थाई हो तभी स्वास्थ्य के लिए बेहतर है।

तनाव को कितने देर तक रहने देना है यह पूरी तरह हम पर निर्भर करता है लेकिन लोग तनाव जैसे घातक चीजों को जाने अंजाने में अपने जीवन का स्थाई हिस्सा बना बैठते है। आज इस लेख में हम जानेगें की तनाव के क्या कारण हो सकते हैं, इसके क्या लक्षण होते हैं और इससे हम किस तरह से निजात पाएं।

तनाव के कारण-

तनाव शारीरिक और मानसिक रूप से बेचैनी पैदा कर सकता है। 

चिंता – आज के समय में हर छोटी-छोटी बातों पर चिंता करना मानो एक ट्रेंड सा हो गया हो। लोगों को यह समझना होगा की चिंता चिता के समान है। जब एक बार हम इससे घिर जाते हैं तो बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है और आगे चलकर यह अवसाद और तनाव का कारण बनता है।

परेशानी या दबाव: भागदौड़ भरी जिंदगी में परेशानी का होना लाज़मी है।भले ही यह बिन बुलाए मेहमान के समान है लेकिन परेशानी का बोझ कब तक ढोना है यह पूरी तरह से हम पर निर्भर करता है। हम जब चाहें तब परेशानी को भूल कर जीवन को खुशियों के रंग से भर सकते है। ऐसा नहीं करने पर परेशानी भी तनाव के कारणों में से एक होगा।

अकेलापन: कई बार जीवन में अकेलापन भी घातक हो सकता है। हर किसी के जीवन में एक दोस्त या जीवनसाथी या किसी ऐसे का साथ होना जरूरी होता है जो हमें समझें। हमारे हर परिस्थिति में हमारे साथ बना रहें और उससे हम अपने जीवन की हर बातों को शेयर कर सकें साझा कर सकें। वरना जीवन में अकेलापन भी तनाव के कारणों में से एक हो सकता है।

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अप्रत्याशित बदलाव: हर कोई अपने जीवन को खुशियों के रंग से रंगना चाहता है। जिसके कारण जीवन में हुए कुछ बुरे अप्रत्याशित बदलाव को हम बर्दास्त नहीं कर पाते और यहीं बदलाव कहीं ना कहीं आगे जाकर तनाव का रूप ले लेता है।

परिस्थितियों का बुरा होना: यह हमें समझना होगा की जीवन में सुख दुःख दोनो का होना निश्चित है। कभी भी जीवन एक किनारे पर नहीं रुक सकता। यदि आज जीवन सुख के किनारे पर है तो एक दिन दुख के किनारे पर भी होगा। लेकिन इंसानी दिमाग कई बार बुरी परिस्थिति के लिए खुद को तैयार नहीं रखता। अधिकत्तर लोग खुद को हमेशा से सुखों के सेज पर हीं देखना चाहते हैं। जिसके कारण जब जीवन में बुरी परिस्थिति होती है तो कई बार लोग खुद पर से नियंत्रण खो देते हैं और यह तनाव का कारण बन जाता।

जिम्मेदारियों का बोझ समय से पहले आना: समय के साथ साथ हम पर कब जिम्मेदारियों का बोझ आ जाता है हमे पता भी नहीं चलता लेकिन यहीं जिम्मेदारी कभी कभी विपरीत परिस्थिति में समय से पहले आ जाए तो सभी इसे झेल नहीं पाते जिससे यह तनाव का कारण बन जाता।

घरेलू कलह: तनाव के कारणों में से एक कारण घर में हो रहे अशांति के कारण भी हो सकता है।

आज के समय में तनाव के मुख्य तीन कारण ये भी हैं। पैसे, काम और बिगड़ते स्वास्थ।

अक्सर लोग तनाव को गंभीरता से एक बीमारी के रूप में नहीं लेते और इस वजह से तनाव हमारे ऊपर शारीरिक और मानसिक तौर पर हावी होता जाता है। कई बार तो तनाव हम पर हावी भी हो जाता है और हमें पता भी नही होता इसलिए जरूरी है कि हम तनाव के लक्षणों से परिचित हों।

शारीरिक तौर पर तनाव के लक्षण: 

इस दौरान सीने में दर्द का होना या धड़कनों का तेज होना, थकावट महसूस होना, सोने में परेशानी, सिर दर्द होना, चक्कर आना, शरीर में कम्पन, रक्तचाप का अधिक होना, जबड़े का अकड़ना, मांसपेशियों में तनाव, पाचन संबंधी समस्या आदि जैसे लक्षण हो सकते है। 

तनाव से निजात पाने के उपाय:

व्यायाम: व्यायाम शरीर को हर प्रकार से स्वस्थ रखने में कारगर है। यदि हम रोजाना सुबह आधे घंटे का व्यायाम करते हैं तो इससे खुद को दिन भर तरो ताज़ा पाते हैं और रात में नींद भी अच्छी आती है। जब हम भरपूर मात्रा में नींद लेते हैं तो तनाव से निजात पाने में यह हमारी काफी मदद करता है।

दिन भर के रुटीन में पसंदीदा काम को शामिल करना: अपने दिन भर के काम में थोड़ा समय खुद को दे और इस समय में अपने पसंद के काम को करें। इससे आपको खुशी मिलेगी और तनाव कम होगा।

म्यूजिक थेरेपी: चाहे जैसी भी चिंता हो थकान हो गाने सुनते सुनते हम ये सब भूल जाते हैं और हमारा ध्यान अपने पसंदीदा गाने की तरफ हो जाता है। जिससे हमारा माइंड भी डायवर्ट हो जाता है और तनाव से उबरने में मदद मिलती है।

मेडिटेशन: तनाव से उबरने में इसे भी बड़ा कारगर उपाय माना जाता है। इसमें हम ध्यान लगाना सीखते है और जीवन में बेवजह की परेशानियों और चिंताओं का आसानी से सामना कर पाते हैं। जिससे तनाव घटता है।

इमेज सोर्स : What’s Wrong?|Short Film|Youtube

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