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माँ, मुझे अपनी पत्नी पर पूरा भरोसा है…

“माँ आप पढ़ी-लिखी होकर भी ऐसी बातें कर रही हो? आप तो शिवानी को कितना प्यार करती थीं, सब भूल गयीं?” रवि ने पूछा। 

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“माँ आप पढ़ी-लिखी होकर भी ऐसी बातें कर रही हो? आप तो शिवानी को कितना प्यार करती थीं, सब भूल गयीं?” रवि ने पूछा। 

पैरों में पायल माथे पे लाल सिंदूर हाथो में दर्जन भर चूड़ियां, सुर्ख लाल रंग की साड़ी में शिवानी बहुत ही सुंदर लग रही थी, रवि ने उसे बाहों में भरते हुए कहा, “रुको शिवानी कहां जा रही हो? अभी तो सब सोए हैं, थोड़ी देर पास आओ ना…”

“अरे रवि तुम्हे तो बस हर वक़्त रोमांस ही सूझता है। मम्मी पापा अभी उठने वाले होंगे। जाकर किचन में चाय बनाती हूँ। तुम्हें तो पता है ना मम्मी पापा जब तक मेरे हाथ की चाय ना पी लें उन्हें चैन नहीं आता”, शिवानी ने हाथ छुड़ाते हुए रवि से कहा।

शिवानी और रवि की शादी को बस एक महीना ही हुआ था। दोनों की लव मैरिज थी पर परिवार की सहमति से। शिवानी ने ससुराल आते ही सबका दिल जीत लिया था। वो बहुत ही पढ़ी-लिखी लड़की थी। कॉलेज में भी बहुत ही फेमस, सबकी मदद करने वाली।

कॉलेज की प्रेसिडेंट जो सबकी मदद करती, कॉलेज में रक्तदान शिविर का आयोजन करना, गरीब बस्ती में जाकर बच्चों को पढ़ाना औऱ समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ नुक्कड़ नाटक का संचालन करना सभी कार्यो को वो बहुत ही मन से करती। तभी तो रवि जो उसके ही कॉलेज में प्रोफेसर था उसको पसंद करने लगा। उसे यकीन था कि उससे अच्छी जीवनसाथी उसे नहीं मिलेगी तभी तो उसने बिना किसी संकोच के उसे प्रेपोज़ कर दिया।

शिवानी अपनी सास की बहुत चहेती बन गयी उसके ससुरजी भी उसे बेटी मानते थे। अब घर में वो सबकी लाडली थी। उसकी छोटी ननद तो अपनी भाभी के बिना कहीं नहीं जाती थी।

शिवानी ने किचन में जाकर चाय बनाई थोड़ी देर में उसकी सास किचन में आई, “बेटा शिवानी तुम सबका कितना ध्यान रखती हो। हम तो बहुत खुशकिस्मत हैं कि तुम हमें बहु के रूप में मिली हो।”

“अरे मम्मी! खुशकिस्मत तो मैं हूँ जो आप लोग से इतना प्यार मिल रहा है।”

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शिवानी का रिश्ता अपने ससुराल में इतना प्रेम भरा था कि ऐसा लगता ही नही था कि वो इस घर की बहू है। धीरे-धीरे सबको शिवानी की आदत हो गयी थी। अब उसकी शादी को 6 महीने हो गए थे आज उसका जन्मदिन था। उसकी सास ने उसके लिए एक सरप्राइज पार्टी रखी थी रवि ने भी उसे कुछ नहीं बताया।

शिवानी की सास ने कहा, “बेटा शिवानी को उसके मम्मी पापा से मिलवा लाओ आज उसका जन्मदिन है शाम तक आ जाना।”

शिवानी बहुत खुश हुई, दोनों तैयार होकर निकल गए। शिवानी के जाने के बाद उसकी सास और ननद ने उसके जन्मदिन की पार्टी की तैयारी शुरू कर दी। उसकी पसंद की चीज़ें बनाई हॉल को सुंदर ढंग से सजाया।

शाम के 6 बज गए शिवानी और रवि के आने का टाइम हो गया था उनके गाड़ी की हॉर्न की आवाज़ सुनकर घर के सब लोग अंदर छुप गए और दरवाज़ा धीरे से बंद कर दिया।

शिवानी ने जैसे ही दरवाज़ा खोला पूरे कमरे को इतना सुंदर सज़ा देखकर उसे यकीन ही नही हुआ, तभी उसके कानों में “हैप्पी बर्थडे टू यू” का गाना गूँजा, घर के सभी लोग अपने कमरे से निकल आये। शिवानी के लिए केक लाया गया, सबने मिलकर खूब एन्जॉय किया। शिवानी ये सब सरप्राइज देखकर भावुक हो गयी।

अब रात के 10 बज गए थे। शिवानी की सास ने कहा, “बेटा जाओ अब तुम थक गई होगी जाकर आराम करो।” 

शिवानी अपने सास ससुर के पैर छूने के लिए नीचे झुकी तो एकदम उसे चक्कर आया और बेहोश हो गयी। उसकी सास ने रवि से कहा जल्दी डॉक्टर को बुलाओ। रवि ने फैमिली डॉक्टर को फोन किया। डॉक्टर आ गया शिवानी का चेकअप किया।

उसकी सास ने पूछा, “डॉक्टर साहब क्या हुआ सब ठीक है ना?” 

“जी माँ जी शिवानी को जल्दी हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ेगा कुछ टेस्ट करने होंगे तभी बता पाएंगे।”

शिवानी को जल्दी हॉस्पिटल ले जाया गया सभी टेस्ट हुए सासूमाँ सोच रही थीं कि शायद कोई ख़ुशख़बरी आने वाली है। वो तो दादी बनने के सपने भी देखने लगीं। अगले दिन रिपोर्ट आई।

जब डॉक्टर ने रिपोर्ट रवि के हाथ मे दी तो रवि का आवाक रह गया। शिवानी की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव थी। उसकी आँखों मे आंसू आ गए।

रवि की माँ ने कहा, “क्या हुआ बेटा सब ठीक तो है? क्या लिखा है रिपोर्ट में?”

रवि ने कांपते हुए हाथो से रिपोर्ट माँ को थमा दी रिपोर्ट में HIV पॉजिटिव देखकर रवि की माँ के कदम लडख़ड़ा गए।

रवि ने अपनी माँ को संभाला, “आप चिंता मत करो माँ हमारी शिवानी ठीक हो जाएगी।”

रवि रोते हुए माँ के गले लग गया। डॉक्टर ने शिवानी को डिस्चार्ज कर दिया। शिवानी घर आ गयी कमज़ोरी की वजह से रवि उसे कमरे में ले गया। डॉक्टर ने कहा था कि शिवानी का इलाज अब शुरू हो जाएगा डरने की कोई बात नही है आजकल एड्स का इलाज है।

एक हफ्ते में शिवानी का इलाज शुरू हो गया। वैसे वो सामान्य थी सुबह उठ कर उसने सबके लिए चाय बनाई तभी उसकी सास किचन में आई, “बहु तुम रहने दो हम सब बना लेंगे, तुम कमरे में जाकर आराम करो।”

शिवानी को अपनी सास की बाते कुछ अटपटी सी लगी। उसे अपनी सास के व्यवहार में उसके लिए नफरत नज़र आ रही थी। वो चुपचाप किचन से बाहर निकल गयी। नौ बजे वो दुबारा सबके लिए नाश्ता बनाने किचन की तरफ बढ़ी तो उसकी सास ने उसे बाहर ही रोक दिया, “बहु आज से तुम किचन में मत आया करो।”

अपनी सास की बाते सुनकर शिवानी की आंखे भर आयी वो चुपचाप अपने कमरे में चली गयी। तभी उसके कानों में आवाज़ आयी, “बेटा तुमने क्या सोचा है शिवानी के बारे में जल्दी से जल्दी फैसला करो। हमें नहीं पता था कि ये लड़की ऐसी निकलेगी। पता नहीं शादी से पहले कैसा चरित्र रहा है इसका? अब ये इस घर में नहीं रह सकती। इतनी गंदी बीमारी? तुम भी बच के रहो इससे।”

शिवानी की सास अपने बेटे को समझा रही थी। साथ मे उसके ससुर जी भी हाँ में हाँ मिला रहे थे। घरवालों की बातें सुनकर शिवानी कमरे में जाकर फूट फूट कर रोने लगी। तभी रवि कमरे में आया।

“मुझ पर विश्वाश करो रवि में ऐसी लड़की नहीं हूँ। मैंने कोई तुम्हें धोखा नहीं दिया।” शिवानी रवि के गले लिपट कर जोर-जोर से रोने लगी।

“अरे शिवानी मुझे तुम पर पूरा भरोसा है। ये बीमारी कई कारणों से हो सकती है। मुझे बताओ क्या तुमने कभी किसी को खून तो नहीं दिया?”

“हाँ रवि कॉलेज में तो कई बार मैंने रक्तदान शिविर में खून दिया है। एक बार तो हम टूर पर गए। वहां भी एक गांव में शिविर लगा था, तो मैंने भी रक्तदान कर दिया।”

“अब मैं समझ गया शिवानी तुम्हें ये बीमारी क्यों हुई है। शायद शिविर में यूज़ की गई सुई से तुम्हारा ब्लड लिया गया है इस लिए तुम HIV इन्फेक्टेड हो गयी। पर तुम मुझ पर विश्वास करो मैं तुम्हारे साथ हूँ।” रवि ने शिवानी को ढांढस बंधाया।

धीरे-धीरे शिवानी के प्रति घर के सभी लोगों का नज़रिया बदलता गया। अब तो कोई भी उससे बात नहीं करता। सास भी उसको किचन में नहीं जाने देती थी। कोई भी उसके हाथ का बनाया खाना नहीं खाता। शिवानी घर मे एकदम अकेली हो गयी। उसके साथ अछूतों जैसा व्यवाहर किया जाता था, एक सिर्फ उसका पति रवि ही था जो उससे प्यार करता था।

आज शिवानी की शादी को एक साल होने वाला था। शिवानी तैयार होकर बहुत सुंदर लग रही थी, वो सोच रही थी कि आज तो उसके सास ससुर उसे ज़रूर आशीर्वाद देंगे।

वो जैसे ही हॉल में आई उसकी सास रवि से बोल रही थी, “अब बहुत हो गया बेटा। अब तुम इस लड़की को मायके छोड़ आओ। हम और इसको इस घर में नहीं रख सकते। ना जाने कहाँ से ये बीमारी लेकर इस घर मे आ गयी है। तुम भी इससे दूर रहा करो नहीं तो तुम्हें भी एड्स हो जाएगा। फिर हमारी सारी बिरादरी भी हम पर थू-थू कर रही है कि इनकी बहु को इतनी गंदी बीमारी है। तुम इस लड़की से पीछा छुड़ाओ।”

अपनी माँ की बातें सुनकर रवि गुस्से में आ गया, “माँ आप पढ़ी-लिखी होकर भी ऐसी बातें कर रही हो? आप तो शिवानी को कितना प्यार करती थी, सब भूल गयी? ये बीमारी सिर्फ शारीरिक संबंध बनाने से नहीं होती। इस बीमारी के और भी कई कारण है जैसे संक्रमित सुई से भी एड्स होता है। शिवानी ने मुझे बताया कि उसने एक शिविर में रक्तदान किया था, शायद वही से वो इस बीमारी का शिकार हो गयी।”

“बेटा हमे मत बता तू की तेरी बीवी कितनी शरीफ है। वो तो इसकी बीमारी ने ही बता दिया, तू तो बस इसे इस घर से ले जा।”

रवि की माँ बस शिवानी को घर से निकालने पर आमादा थी। पास खड़ी शिवानी फुट फुट कर रो रही थी। रवि ने उसका हाथ पकड़ा और बोला, “शिवानी जाओ अपना सामान पैक करो।”

रवि की बात सुनकर शिवानी दंग रह गयी उसे रवि से ये उम्मीद नही थी, वो चुपचाप अपने कमरे में गयी और अपना सूटकेस पैक कर कर बाहर आई। उसे देखकर रवि ने सवाल किया, “शिवानी मेरा सूटकेस कहां है?”

“अरे बेटा तू कहां जा रहा है?” रवि की माँ ने चौकते हुए पूछा।

“माँ इस घर से शिवानी अकेले नहीं जा रही बल्कि हम दोनों साथ जा रहे हैं। ये घर छोड़ने का मैंने फैसला ले लिया है। मैं देख रहा हूँ जब से शिवानी की बीमारी का आप लोगों को पता चला है तब से शिवानी के प्रति आपका व्यवहार बिल्कुल बदल गया है। आप सब इस मुश्किल समय में शिवानी का साथ देने की बजाय उससे नफरत करने लगे हो। मैं आपकी की सोच को नहीं बदल सकता।”

“और एक बात बता दूँ, मैं शिवानी के इस मुश्किल वक़्त में उसका साथ नहीं छोड़ सकता, इसलिए मैंने कॉलेज कैंपस में घर ले लिया है। अब हम दोनों वही रहेंगे। मैं शिवानी का इलाज कराऊंगा। मुझे उम्मीद है कि वो जल्द ही स्वथ्य हो जाएगी और माँ अगर आप को हम लोगों से मिलने का मन करे तो आप निसंकोच अपने बेटे बहु के घर आ सकते हैं।”

रवि ने शिवानी का हाथ पकड़ा औऱ घर से बाहर निकल गया। आज एक पति ने मुश्किल वक़्त में अपनी पत्नी का साथ दिया। 

मूल चित्र: Still from Alkem Health Care via YouTube 

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Antima Singh

13 वर्ष की उम्र से लेखन में सक्रिय , समाचार पत्रों में कविताएं कहानियां लेख लिखती हूँ। एक टॉप ब्लागर मोमस्प्रेसो , प्रतिलिपी, शीरोज, स्ट्रीमिरर और पेड ब्लॉगर, कैसियो, बेबी डव, मदर स्पर्श, और न्यूट्रा लाइट जैसे ब्रांड्स के साथ स्पांसर ब्लॉग लिखती हूँ मेरी कहानियां समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए होती है रिश्तों के उतार चढ़ाव मेरे ब्लॉग की मुख्य विशेषता है read more...

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