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निशा रावल-करण मेहरा केस : कितना आसान होता है औरत को गलत मान लेना?

निशा रावल-करण मेहरा केस में अभी कोई इन्वेस्टीगेशन नहीं हुई है फिर भी सोशल मीडिया पर सिर्फ निशा रावल की  आलोचना क्यों हो रही है?  हाल ही में एक्ट्रेस निशा रावल ने अपने पति करण मेहरा पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है। एफआईआर दर्ज करवाने के बाद करण मेहरा को जेल हुई। हालांकि कुछ […]

निशा रावल-करण मेहरा केस में अभी कोई इन्वेस्टीगेशन नहीं हुई है फिर भी सोशल मीडिया पर सिर्फ निशा रावल की  आलोचना क्यों हो रही है? 

हाल ही में एक्ट्रेस निशा रावल ने अपने पति करण मेहरा पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया है। एफआईआर दर्ज करवाने के बाद करण मेहरा को जेल हुई। हालांकि कुछ ही घंटों बाद जमानत मिल गई। 

पुलिस केस के बाद, करण और निशा दोनों ने अपने पक्ष साझा करते हुए मीडिया से बात की। जहां निशा ने करण पर एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स का आरोप लगाया, वहीं बाद में करण मेहरा ने कहा कि उनकी पत्नी ज़्यादा एलिमनी के लिए उन्हे फंसाने की कोशिश कर रही है।

यहां जानिए निशा रावल-करण मेहरा का पूरा केस:

31 मई, 2021 की रात निशा रावल ने पति करण मेहरा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस को घर बुलाया जिसमें सिर पर चोट के साथ, दीवार पर धक्का देने का आरोप लगाया। हालांकि चोट पर ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ के अभिनेता ने अपने बयान में इन दावों को ख़ारिज करते हुए कहा कि निशा बायपोलर डिसऑर्डर से ग्रसित है। इसीलिए गुस्से में खुद को हिट किया। 

इसके बाद निशा ने मंगलवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उनके पति ने उन्हें मारा है। करण लंबे समय से उनके तलाक और गुजारा भत्ता पर चर्चा को टाल रहे थे। उनकी एकमात्र चिंता उनके बच्चे का भविष्य और उनकी उच्च शिक्षा थी। शादी मुबारक की अभिनेत्री निशा रावल ने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा आर्थिक रूप से करण का समर्थन किया है, और खुद कमाने में सक्षम हैं। 

वे आगे कहती हैं, “मैंने पिछले साल जब कोई काम नहीं था तो ईएमआई का भुगतान करने के लिए अपने सारे गहने अपने पति को दे दिए थे। मैं हमेशा एक सहायक पार्टनर रही हूं। मैंने करण से यहां तक कह दिया कि अगर वे इतना भुगतान नहीं कर पाते हैं तो मैं उसे उनके खिलाफ नहीं जाऊँगी। मैं एक अभिनेत्री हूँ और अपने चेहरे को नुकसान पहुंचाने के लिए कभी कुछ नहीं करूंगी, क्योंकि यह मेरी रोजी-रोटी है।”

निशा रावल ने स्वीकार किया कि उन्हें बाइपोलर डिसऑर्डर है। 2014 में गर्भपात के बाद उन्हें बाइपोलर होने का पता चला था। करण तब भी भावनात्मक रूप से साथ नहीं थे। वे कहती हैं, “लेकिन मैं इस पर काबू रखती हूँ। मैं लगातार काम भी कर रही हूँ।”

निशा रावल ने साझा किया कि उन्होंने सभी सबूत पुलिस को सौंप दिए हैं और उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। 

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और हम सभी को इन्वेस्टीगेशन के बाद कोर्ट से फैसला आने का ही इंतज़ार करना चाहिए। लेकिन सोशल मीडिया पर निशा रावल की बहुत आलोचना हो रही है। 

तो इस तरह जज करने वाले हम होते कौन हैं?

ये रिश्ता क्या कहलाता है में करण मेहरा ने जिस तरह का रोल प्ले किया वो उनकी एक्टिंग का हिस्सा था। इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है कि अगर कोई एक्टर रील लाइफ में इतने शांत स्वभाव का है तो रियल लाइफ में भी ऐसा ही होगा। यहां मैं निशा रावल को सपोर्ट या करण मेहरा को दोषी नहीं ठहरा रही हूँ। बल्कि जिस तरह से लोगों से रिएक्शन आ रहे हैं उन्हें देखकर चकित हूँ। 

कुछ यूज़र्स का कहना है की करण मेहरा ऐसा कर ही नहीं सकते। मैंने तो कभी उन्हें ऊँची आवाज़ में बात करते हुए भी नहीं सुना। वे शांत स्वभाव के हैं। तो क्या हर एक्टर रियल लाइफ में भी ठीक वैसा ही होता है? और आप गए थे करण मेहरा के घर?

कुछ कह रहे हैं निशा रावल पैसों के लिए ये सब कर रही है तो आप को बता दूँ, वे खुद अपने करियर लाइफ में बहुत अच्छी जगह पर हैं। बयान के मुताबिक वे अपने बेटे के अच्छे भविष्य के लिए एलिमनी ले रही हैं। 

निशा रावल बेशक बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रसित हैं। आज इस बिमारी से बहुत से लोग ग्रसित हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वे पागल है और गुस्से में कुछ भी कर देते हैं। क्योंकि कुछ यूज़र्स का ये भी कहना है कि बाइपोलर डिसऑर्डर है तो ज़रूर निशा की ही गलती है। 

लेकिन पैट्रिआर्किअल सोसाइटी में हर बार महिला को दोषी ठहराने की परंपरा है।  जब तक कोई फैसला नहीं आ जाता है तब तक किसी को भी दोष नहीं दे सकते हैं। 

सबसे ज़रूरी बात, आज कई महिलाऐं घरेलु हिंसा से झूझ रही हैं। वे खुलकर सामने आना चाहती हैं। और आज कई महिलाएँ इस अपराध के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही हैं लेकिन जब-जब किसी भी केस में बिना फैसला आये ही एक औरत पर इस तरह की टिप्पिणियां होने लगती हैं तो कई महिलाओं की हिम्मत टूटने लगती हैं। इसलिए बेहतर होगा आप अपने जजमेंट अपने तक सीमित रखें। 

मूल चित्र : The Quint, Twitter

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