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फैमली मैन सीजन 2 पति-पत्नी के बीच काउंसलिंग की ज़रुरत की बात भी करता है

फैमली मैन सीजन 2 में पहले सीजन में आगे क्या हुआ इसकी जानकारी फ्लैश बैक में आती है और नए सीजन की कहानी भी साथ-साथ चलती है।

फैमली मैन सीजन 2 में पहले सीजन में आगे क्या हुआ इसकी जानकारी फ्लैश बैक में आती है और नए सीजन की कहानी भी साथ-साथ चलती है।

ऐमज़ान प्राइम पर पिछले दिनों अभिनेता मनोज वाजपेयी कि बेवसीरिज “द फैमली मैन 2” काफी दिनों के प्रतीक्षा के बाद रिलीज़ हुई। फैमली मैन के पहले सीजन की तरह इसमें भी सस्पेंस, ड्रामा, एक्शन और एडवेंचर सब कुछ है ।

मौजूदा सीजन में इन सारी चीजों के साथ फैमली फियर को भी जोड़ दिया गया है इस भारी-भड़कम डाइयलोग के साथ कि “सब चाहते है कि सच उनके साथ रहे लेकिन सच के साथ कोई नहीं रहना चाहता…।” इन सबके साथ फैमली मैन सीजन 2 में फैमली में पति-पत्नी का इमोशन और जिम्मेदारी भी है।

फैमली मैन सीजन 2 सीरीज़ कुछ नई बात भी करती है

मौजूदा सीज़न में एक और भी चीज साथ-साथ चलती है जो पहले सीज़न में भी चल रही थी और अगले सीजन में होगी क्योंकि कहानी खत्म जहाँ होती हुई दिखी है वहाँ इसका जिक्र आता है। वह है एक आम भारतीय पति-पत्नी के रिश्ते में कंपैटिबिलिटी का धीरे-धीरे कम होते जाना।

इसके अभाव में पति-पत्नी दोनों ही परिवार में एक-दूसरे के भूमिका को स्वीकार्य करते हुए भी एक-दूसरे के प्रति अलगाव अधिक महसूस करते हैं। दोनों को ही लगता है कि एक-दूसरे को खुश रखने के लिए दोनों बहुत कोशिश कर रहे है परंतु, इन कोशिशों का परिणाम निल बट्टा-सन्नाटा ही नज़र आता है।

अच्छी बात यह है कि फैमली मैन के मौजूदा सीजन में दोनों पति-पत्नी अपनी इस समस्या के समाधान के लिए काउन्सलर के पास जाते हैं, जो पति को पसंद नहीं है। वह काउन्सलर के सवालों का सही जवाब नहीं देता है, पर काउन्सलर की बताई चीजों पर वह अमल भी करता है। हम सभी जानते है कि भारतीय समाज में पति-पत्नी के रिश्तों के बीच समस्याओं को लेकर डाक्टर के पास जाने का चलन दूर के कौड़ी लाने की बात है।

अच्छी बात है यह कि मनोरंजन का नया माध्यम बना बेवसीरिज इन विषयों पर बात कर रहा है जो पति-पत्नी के कम आवाज के बहसों में ही सिमट कर रह जाता है।

क्या कहानी है फैमली मैन सीजन 2 की

निर्देशक राज-डीके और सुपर्ण वर्मा ने इस सीजन की कहानी को सुनाने में पहले सीजन जहां खत्म होती है, उसके बाद क्या हुआ को आगे बढ़ाते हुए सुनाई है।

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पहले सीजन में हुए गैस कांड के बाद थ्रेट एनालिसिस एंड सर्वेलेन्स सेल (TASC) में काम करने वाले श्रीकांत तिवारी अपराधबोध से इतने उलझ गए हैं कि रिजाइन कर एक आईटी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं और अपनी पत्नी सुच्ची (प्रियामणी) अपने बच्चों अर्थव (वेदांत सिन्हा) और बेटी ध्रृर्ति (अश्लेषा ठाकुर) के साथ गृहस्थी के गाड़ी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है।

श्रीकांत के टीम के मिलिंद (सनी हिंदुजा) और जोया (श्रेया धनवंतरी) घायल होने के बाद ब्रेक पर है। केवल जेके तलपड़े (शारिब हाशमी) एजेंसी के लिए काम कर रहा है, श्रीकांत टास्क (TASC) में क्या कुछ हो रहा है इसकी जानकारी उससे लेते रहता है।

टास्क (TASC) को भारत में श्रीलंका के उग्रवादी समूह का भारत के प्रधानमंत्री बासु (सीमा बिस्वास) की हत्या के बारे में जानकारी मिलती है, जिसकी जिम्मेदारी राजी (समांथा अक्कीनेनी) के कंधों पर है।

इस घटना को अंजाम देने के लिए श्रीलंकाई उग्रवादी समूह पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएस आई के सरगना समीर खान से भी सहयोग ले रहे है। समीर खान का सहयोगी साजिद खान ने श्रीकांत के बेटी ध्रृर्ति के साथ एक लड़के सलमान को लगा रखा है जिसके किडनैप से श्रीकांत को रोकने की कोशिश होती है।

पूरा सीजन 413 मिनट का जो कुल 9 एपिसोड में बंटा हुआ है। कुछ एपिसोड में पहले सीजन में आगे क्या हुआ इसकी जानकारी फ्लैश बैक में आती है और नए सीजन की कहानी भी साथ-साथ चलती है। श्रीलंकन उग्रवादी भारतीय प्रधानमंत्री को क्यों मारने चाहते हैं? टास्क (TASC) पूरे मिशन को कैसे अंजाम तक पहुंचाता है? श्रीकांत के परिवार में चल रही उठा-पटक पटरी पर आती है या नहीं? इन सवालों के जवाब के लिए आपको कमोबेश 7 घंटे खर्च करने पड़ेगे।

कैसा है फैमली मैन सीजन 2

फैमली मैन सीजन 2 शुरुआत में थोड़ी धीमी है। पाँचवे एपिसोड मे कहानी में गति आती है, जब श्रीकांत वापस टास्क (TASC) ज्वाइन करता है और पूरी कहानी को अपने कंधे पर उठा लेता है।

शुरुआती एपिसोड के बोरियत को कम करने के लिए कुछ जेके और श्रीकांत के बेटे अर्थव के साथ वन-लाइनर और गुदगुदाने वाले प्लाट अच्छे बने हैं जो बांधने की कोशिश करती है। मनोज वाजपेयी के सामने तमिल अभिनेत्री समांथा अक्कीनेनी अपने अभिनय से ध्यान हटने नहीं देती है।

पहले सीजन के मुकाबले प्रियामणि के पास इस सीजन में अधिक प्रभावित नहीं करती हैं। मनोज वाजपेयी के साथ शारिब हाशमी की केमिस्ट्री पहले सीजन के तरह ही जमी है। दर्शन कुमार, सीमा विश्वास, सन्नी हिदुंजा, आश्लेषा ठाकुर और वेदांत सिन्हा जैसे कलाकारों कम समय के अपने अभिनय में ही प्रभावित किया है।

इस सीजन के पहले एपिसोड में कहानी की शुरुआत जहाँ से होती है वहाँ तमिल में संवाद होता है जो सबटाइट्ल्स के बाद भी दर्शकों से कनेक्ट नहीं हो पता है। यह उन जगहों पर भी होता है जब तमिल किरदार सीन में आते हैं, जो काफ़ी परेशान करता है। पर अगर आपने फैमली मैन के पहले सीजन का मजा ले चुके हैं तो दूसरे सीजन में आप निराश नहीं होंगे। 


मूल चित्र: Stills From Family Man 2

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