कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं?  जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड!

मेरा दामाद हीरा है हीरा, पर बेटा जोरू का ग़ुलाम…

सुनैना जी को अपनी बहु रूबी थोड़ी कम पसंद है क्योंकि बेटे अमित ने सबकी मर्जी के खिलाफ जाकर रूबी से प्रेम विवाह किया था।

सुनैना जी को अपनी बहु रूबी थोड़ी कम पसंद है क्योंकि बेटे अमित ने सबकी मर्जी के खिलाफ जाकर रूबी से प्रेम विवाह किया था।

सुनैना जी के दो बच्चे हैं, अमित और अमीषा। दोनों की शादी हो गई है, और सुनैना जी अपने दामाद के व्यवहार से बहुत खुश रहती हैं। पर उन्हें अपनी बहु रूबी थोड़ी कम पसंद है क्योंकि बेटे अमित ने सबकी मर्जी के खिलाफ जाकर रूबी से प्रेम विवाह किया था।

कुछ ही दिनों पहले अमीषा ने फोन पर बताया कि उसके पैरों में मोच आ गई है, यह बात सुनकर सुनैना की देवरानी सविता आज हाल चाल पूछने को आई थी।

“सविता अब तूझे क्या बताऊं! मेरा दामाद तो हीरा है हीरा। मेरी बिटिया के पैरों में मोच आ गई है, तीन दिनों से बिस्तर से उठने न दिया दामाद जी ने। उसकी दवाइयाँ, जूस, नाश्ता, खाना, पानी सब वो खुद लाकर देते हैं।

और तो और मेरी बिटिया के पैरों की मालिश भी वो स्वयं ही कर देते है। मैं तो धन्य हो गई ऐसा दामाद पाकर।” सुनैना जी अपनी देवरानी से बोली।

“अरे दीदी अमित और रूबी नही दिख रहें है घर में, आज तो इतवार है ना, छुट्टी नही है क्या उन दोनो की?” सविता ने पूछा। 

“अरे, पूछ मत सविता। अमित तो जोरू का गुलाम हो गया है। सुबह से रूबी ने सर दर्द का बहाना बनाया है, अभी रूखा सूखा खाना बनाकर अपने कमरे में गई है महारानी जी।

अमित भी हाथ में सर दर्द की दवा और गिलास में पानी लेकर उसके पीछे पीछे गया कमरे में सेवा करने। पूरा सर पे चढ़ा रखा है इस लड़के ने अपनी पत्नी को।” मुँह बिचकाते हुए सुनैना जी बोली।

Never miss real stories from India's women.

Register Now

सविता जी को समझ में नहीं आ रहा था की जो काम दामाद कर रहा है वो अच्छा है तो वही काम अमित करके जोरू का गुलाम कैसे बन गया।  

अब सविता जी ने बिना कुछ बोले वहां से जाने में अपनी भलाई समझी।क्योंकि जिस इंसान का दोहरा व्यवहार हो उसको कुछ भी समझा पाना आसान नहीं।


मूल चित्र: Parachute Advanced Via Youtube

टिप्पणी

About the Author

7 Posts | 19,928 Views
All Categories