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‘मैं तुम्हारे बिना मर जाऊंगा’ को प्यार नहीं खतरे की घंटी समझें…

'मैं तुम्हारे बिना मर जाऊंगा...!' क्या आपके पार्टनर भी आपको बार-बार ये बोलते हैं? तो इसे मेंटल अब्यूज़ यानि मानसिक प्रताड़ना देना कहते हैं।   

‘मैं तुम्हारे बिना मर जाऊंगा…!’ क्या आपके पार्टनर भी आपको बार-बार ये बोलते हैं? तो इसे मेंटल अब्यूज़ यानि मानसिक प्रताड़ना देना कहते हैं।   

चेतावनी: यहाँ मेंटल अब्यूस और सुसाइड के बारे में विवरण है और ये आपको परेशान कर सकता है।

आदित्य और शालिनी कई साल से एक-दूसरे के साथ थे। वो शादी तो करना चाहते थे और घरवाले भी तैयार थे, लेकिन आदित्य के साथ कई अरसे गुज़ारने के बाद शालिनी फ़ैसला नहीं कर पा रही थी कि उसे शादी करनी चाहिए या नहीं।

आदित्य प्यार तो उससे बहुत करता था, उसका बहुत ख़्याल भी रखता था। लेकिन उम्र के साथ मेच्योर होने की बजाए आदित्य, शालिनी को लेकर बहुत ही इमोशनल होता जा रहा था।

एक दिन शालिनी किसी दोस्त से फोन पर बात कर रही थी तो आदित्य ने कहा, “प्लीज़, किसी और के पास मत जाना, मैं तुम्हारे बिना मर जाऊँगा।”

फिर एक वाक्या और घटा जब शालिनी को ऑफिस मीट के लिए 4 दिन पुणे जाना पड़ा तब तो आदित्य ने हद ही पार कर दी। वो शालिनी को रोज़ फोन करके रात को कहता था, “शालिनी अपना ख्याल रखना और प्लीज़ किसी से ज़्यादा बात मत करना। वरना वो तुम्हें मुझसे छीन लेगा और मैं सबको मार डालूंगा और खुद भी मर जाऊँगा।”

कई बार शालिनी ने इस बात को इग्नोर कर दिया लेकिन जब ऐसा ज़्यादा होने लगा तो उसे ये सब अजीब लगने लगा। उसने आदित्य से बात करके उसे समझाने की भी कोशिश की। लेकिन आदित्य की हरकतें काबू में आने का नाम ही नहीं ले रही थीं। 

शालिनी ने कहा, “आदित्य, मैं तुम्हारे साथ ही हूँ, किसी और के पास नहीं जा रही। लेकिन तुम बार-बार ये मत कहा करो कि मैं मर जाऊँगा क्योंकि ज़िंदगी मरने के लिए नहीं, जीने के लिए होती है।”

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“मुझे पता है तुम नहीं जाओगी, लेकिन तुम्हारे दूर जाने के ख्याल से ही मैं डर जाता हूँ। तुम इतनी सुंदर और काबिल हो कि कोई भी तुम्हें पसंद कर लेगा। मैं तुम्हारे बिना अपनी ज़िंदगी सोच भी नहीं सकता। इससे अच्छा तो मैं अपनी जान ही ले लूँ।” आदित्य ने शालिनी को जवाब दिया। 

शालिनी, आदित्य को समझाने की बहुत कोशिश करती, लेकिन कोई रिज़ल्ट नहीं निकलता। अब तो शालिनी को आदित्य की बात सुनकर डर लगने लगता है कि कहीं वो सच में कुछ कर ना बैठे।

वो दिन-रात इसी चिंता में खोई रहती है कि अगर कभी किसी रोज़ ऐसा सच में हो गया तो वो क्या करेगी। आदित्य का प्यार अब उसे डराने लगा था। वो हर समय मरने मारने की बातें करता। अब वो खोई-खोई रहने लगी थी। वो चाहकर भी अपने घरवालों को कुछ ना कह सकी क्योंकि आदित्य और उसका रिश्ता बरसों पुराना था और घरवाले भी उन्हें साथ देखना चाहते थे। सबको ये एक प्रेमी की नादान हरकतें लगतीं। 

गुमसुम शालिनी को देखकर एक दिन ऑफिस में कल्पना ने उससे परेशानी का कारण पूछा तो शालिनी ने मन में दबी सारी बातें बता दीं। कल्पना ने उसे सलाह दी कि वह फिलहाल आदित्य से शादी ना करे और उसे किसी काउन्सलर से मिलने के लिए कहे।

शालिनी ने जब आदित्य को अपनी परेशानी बताई, तो आदित्य ने काउन्सलर के पास जाने की बात मान ली और आख़िरकार सब ठीक हो गया। इस कहानी की तो हैप्पी एंडिंग हो गई लेकिन असल ज़िंदगी में हर बार हैप्पी एंडिंग नहीं होती। अगर आपके पार्टनर यही पैटर्न दोहराते रहें तो?

ये सब बातें फ़िल्म में ही अच्छी लगती है असल ज़िंदगी में नहीं 

“मैं अपने आपको मार लूँगा, मैं तुम्हारे बिना मर जाऊँगा, तुमने किसी और से शादी की तो मैं मर जाऊँगी!”

ऐसे-ऐसे डायलॉग आपको कई बार सुनने में रोमांटिक लगते होंगे। कई हिंदी फिल्मों में ये डायल़ॉग सुनने के बाद आपको लगता होगा कि लोग एक-दूसरे से कितना प्यार करते हैं।

लेकिन रिश्ते में कोई एक व्यक्ति बार-बार यही बातें दोहराता है तो दूसरे पर इसका बहुत बुरा मानसिक प्रभाव पड़ता है। आपका साथी भी अगर आपको ऐसी बातें कहकर डरा रहा है या फिर वो आपसे कुछ ऐसा करने को कह रहा है जो आप नहीं करना चाहते, तो इसे मेंटल अब्यूज़ यानि मानसिक प्रताड़ना देना कहते है।

ऐसे बहुत से लड़के-लड़कियां होते हैं जो एक रिलेशनशिप में आने के बाद एक-दूसरे से ऐसी बातें करते हैं। वो इस बात को समझ नहीं पाते कि उनकी बातें उन्हीं के पार्टनर को ट्रिगर कर सकती हैं। या तो वे खुद को नुकसान पहुँचा लेंगे या फिर सामने वाले को नुकसान पहुँचाएँगे।

इसलिए ये समझना बहुत ज़रूरी है कि ऐसी परिस्थिति में आपको क्या करना चाहिए क्योंकि दुर्घटना से भली देर होती है।

ऐसे में योरइंस्टालॉयर की तान्या अपच्चू बताती हैं क्या करें 

क्या करना चाहिए

• सबसे पहले तो आप यही कोशिश करें कि अपने पार्टनर को ये समझाएँ कि उनकी ये बातें आपको परेशान करती हैं और हो सके वो ये सब ना कहें। उन्हें काउन्सलर के पास जाने के लिए कहें।

• लेकिन अगर आपको लगता है कि आपका पार्टनर ये बातें बहुत गंभीरता से कह रहा है तो एक बात समझ लें कि आप एक टॉक्सिक रिश्ते में हैं, जो किसी भी वक्त आपको हानि पहुँचा सकता है।

आपको ये पता होना चाहिए कि कानून के मुताबिक ये दंडनीय अपराध है। इसलिए पहली बार ऐसा होने पर अपने लोकल पुलिस स्टेशन में जाकर SHO को इस बारे में कम्प्लेन करके पेशबंदी फाइल कर दें। ये लेटर एक तरह से सूचना पत्र की तरह होता है जिसके ज़रिए आप पुलिस को ये जानकारी देते हैं कि आपको अपने पार्टनर से नियमित रूप से ऐसी धमकियाँ या डराने वाली बातें सुनने को मिल रही है।

अगर आपका पार्टनर सच में कोई जानलेवा कदम उठाता है और सुसाइड लेटर में आपका नाम लिख देता है तो पुलिस को ये बात पहले से मालूम होगी कि आपका इसमें कोई हाथ नहीं था। इस तरह इस सूचना पत्र से आप खुद को सुरक्षित कर सकते हैं।

• इसके अलावा आप पुलिस के पास अपने पार्टनर के ख़िलाफ़ आपराधिक FIR भी दर्ज करा सकते हैं। इसके तहत सज़ा का प्रावधान है।

• अगर आप महिला हैं और पुलिस स्टेशन जाने में डर या घबराहट महसूस कर रही हो तो आप राष्ट्रीय महिला कमीशन के पास भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। NCW की बेवसाइट पर आपको हेल्पलाइन नंबर मिलेंगे जहाँ आप बिना डर के अपनी शिकायत बता सकती हैं।

इमोशनल अत्याचार के संकेतों को समझें

जब आप किसी रिश्ते में होते हैं तो अपने साथी की बहुत से बातों को अनदेखा कर देते हैं। लेकिन हमें ये पता होना चाहिए कि सबको एक इंसान का साथ इसलिए चाहिए होता है ताकि उसकी ज़िंदगी में सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक साथ मिले।

अपने साथी की कुछ अच्छी बातों के लिए अब कुछ बहुत गंभीर बातों को इग्नोर करते हैं। ऐसा करना बिल्कुल ग़लत है। ऐसे रिश्ते में रहने का कोई अर्थ नहीं जो आपको परेशान कर रहा है या आपको मानसिक तनाव दे रहा है।

आपको ये कैसे पता चलेगा कि आप रिश्ते में मानसिक तनाव का शिकार हैं

आपको नीचा दिखाना

अगर आपका पार्टनर आपको बार-बार ये कहता/कहती है कि आप किसी लायक नहीं हो, आपको कुछ समझ नहीं आता। तो अपने साथी को ऐसा करने से रोकिए और कहिए कि इससे आपको परेशानी हो रही है।

दूसरों के सामने बुराई करना

यदि आपका साथी या पति-पत्नी किसी अन्य व्यक्ति के सामने एक-दूसरे की बुराई या खामियों के बारे में बात करते हुए मज़ाक बनाते हैं, तो हो सकता है आपकी ये बात आपके साथी को परेशान करे। ऐसा ना करें और कोई परेशानी है तो एक-दूसरे से खुलकर बात करें।

हतोत्साहित करना

आपका पार्टनर अगर बार-बार आपके लुक्स, आपके कपड़े, वज़न या बॉडी टाइप को लेकर मज़ाक उड़ाए, तो धीरे-धीरे ये बातें आपके दिमाग में घेर करके आपको परेशान कर सकती हैं। ये भी मानसिक प्रताड़ना का ही संकेत है। 

खुलकर बात ना कर पाना

क्या कभी आपको ऐसा लगता है कि आप अपने पार्टनर से कोई समस्या खुलकर बता नहीं सकते? अगर आप अपनी कोई बात उनके सामने रखते हैं तो वो उसे अनसुना कर देते हैं? गुस्सा हो कर आपको चुप करा देते हैं? या बात को खुद की और मोड़ लेते हैं ताकि सिर्फ वही बात करें, तो इस रिश्ते के बारे में आपको फिर से सोचने की ज़रूरत है। क्योंकि अगर आप अपनी परेशानियां ही नहीं बता सकते तो फिर ऐसे साथ का क्या लाभ? 

बहुत ज़्यादा झगड़े होना

कहा जाता है जिस रिश्ते में तकरार नहीं वहाँ प्यार नहीं, कभी-कभी हल्की-फुल्की लड़ाई होना स्वाभाविक है क्योंकि दो लोग हमेशा एक-दूसरे से सहमत हो, ऐसा असंभव है। लेकिन अगर कलह-क्लेश रोज़ होने लगे और आप नाखुश रहने लगे तो ये समझ जाइए कि ये रिश्ता आपके लिए सही नहीं है।

ज़रूरत से ज्यादा गुस्सा होना

किसी बात पर नाराज़ होना और फिर मान जाना आम बात है। लेकिन गुस्से में आवाज़ ऊँची करना या ऐसा कुछ करना कि पार्टनर डर जाए, यह एक तरह से इमोशनल एब्यूज का संकेत हैं। आमतौर पर लोग ऐसा सामने वाले पर अपना भय दिखने के लिए और आप पर काबू पाने के लिए करते हैं। ऐसे पार्टनर आपका भला कभी नहीं चाह सकते। 


आपके साथ हो रहे भावनात्मक दुव्यर्वहार को समझने के लिए हर संकेत को समझना पड़ेगा। ऐसे रिश्ते में रहकर आप ना केवल अपना बल्कि अपने पूरे भविष्य को चौपट कर रहे हैं।

यह मत सोचिए कि परिवार का सोचेगा, समाज क्या सोचेगा क्योंकि आप खुद के लिए सोचेंगा तो कोई भी आपके लिए नहीं सोचेगा। आपका मानसिक स्वास्थ्य सीधे तौर पर आपके शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

रिश्ते खुश रहने के लिए होते हैं, रिश्ते अच्छा महसूस कराने के लिए होते हैं, रिश्ते ज़िंदगी को ख़ूबसूरत बनाने के लिए होते हैं लेकिन जब रिश्ते बदसूरत हो जाएं तो उसने दूर होना ही अच्छा है।


मूल चित्र: Still from Movie Hamari Adhuri Kahani

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