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कोविड वैक्सीनेशन को लेकर जागरूक करने की एक ‘फेसबुक’ कोशिश

कोविड वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता फैलाने के संदेश के साथ-साथ फेसबुक के इस एड ने इंसानियत का ख़ूबसूरत पाठ पढ़ाया है। क्या आपने इसे देखा है?

कोविड वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता फैलाने के संदेश के साथ-साथ फेसबुक के इस एड ने इंसानियत का ख़ूबसूरत पाठ पढ़ाया है। क्या आपने इसे देखा है?

ज़िंदगी जीने के लिए सिर्फ और सिर्फ मोहब्बत ही काफ़ी है और इस मुश्किल घड़ी में सबसे ज़्यादा ज़रूरी है इंसानियत का ज़िंदा रहना।

फेसबुक के एक विज्ञापन ने मेरी आंखों में आंसू ला दिए। कोविड वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता फैलाने के संदेश के साथ-साथ इस एड ने इंसानियत का ख़ूबसूरत पाठ पढ़ाया है।

6 मिनट की ये एड है रिज़वान की कोशिश की वो कहानी जो हम सबको करनी चाहिए।

अपनी नौकरी से अनपेड लीव्स लेकर रिज़वान ने अपने शहर परागपुर के बड़े-बुज़ुर्गों को कोरोना वैक्सीनेशन की डोज़ लगवाने का ज़िम्मा उठाया है। कुछ महीने पहले उसने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा था कि परागपुर के आसपास सीनियर सिटीज़न को कोरोना की वैक्सीनेशन में मदद की ज़रूरत हो तो मुझे बताएं।

इस पोस्ट के बाद उसके पास किसी के बेटे, किसी की बेटी, किसी के पोते-पोती की ढेरों रिक्वेस्ट आती हैं। कोई रिज़वान को अपने मां-बाप की मदद के लिए कहता है तो कोई दादा-दादी और नाना-नानी के लिए।

रिज़वान एक-एक करके सबके घर जाता है वह उनका रजिस्ट्रेशन करने से लेकर उन्हें वैक्सीनेशन सेंटर में टीका लगवाने के बाद घर तक छोड़ता है। ये सब करते हुए वो कोरोना की सभी ज़रूरी गाइडलाइंस का पालन कर रहा है, उसने मास्क भी लगाया है और हर किसी से बात करते हुए वो सोशल डिस्टेसिंग भी मेंटेन कर रहा है।

कुछ लोग तो आसानी से उसकी बात मानकर उसके साथ जा रहे हैं लेकिन कुछ हैं जो कतरा रहे हैं। कोई बढ़ती उम्र के साथ-साथ और भी ज़िद्दी हो गया है तो किसी को लगता है कि उन्हें कोरोना होगा ही नहीं।

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बड़ों को मनाना भी कहां आसान होता है लेकिन रिज़वान को सबको समझाना आता है। वो लगा रहता है पर हार नहीं मानता। एक तरफ़ सब उसकी बात सुनकर कोविड वैक्सीनेशन लगवा रहे हैं तो दूसरी तरफ़ हैं एक आपा जो मान ही नहीं रही हैं।

वो कहती हैं ‘रिज़वान छोड दो, मेरे अपने मुझे मना नहीं पा रहे। रिज़वान कहता है ‘अपने? तो मैं कौन हूं?’

अपने पाक़ इरादों से रिज़वान उन आपा का दिल जीत लेता है और उन्हें वैक्सीन की पहली डोज़ लगवाने में कामयाब रहता है। लेकिन रिज़वान की ये कोशिश बस यूं ही शुरू नहीं हुई उसने इस महामारी में अपने अज़ीज़ रिश्तों को खो दिया था।

वो भले ही अपनों को बचाने में नाकामयाब रहा लेकिन उसने कइयों की जान बचाई। रिज़वान के प्यार ने आपा के सख्त दिल को भी मोम का बना दिया और ईद पर उन्होंने अपने नए बेटे रिज़वान के लिए पकवान बनाए।

कोविड वैक्सीनेशन ज़रूर लगवाए, इसके साइड-इफेक्ट्स से घबराएं नहीं

सभी लोगों से बार-बार ये अपील की जा रही है कि वैक्सीन ज़रूर लगवाएं। ये आपके और आपके परिवार के लिए बहुत ज़रूरी है। वैक्सीन को लेकर जो अफ़वाहें या ग़लत बातें फैलाई जा रही हैं उस पर ध्यान ना दें।

अच्छी और बुरी वैक्सीन के चक्कर में भी ना पड़ें। आपको जो भी वैक्सीन मिल रही है, चाहे वह कोविशील्ड हो या कोवैक्सीन, प्लीज़ लगवा लें। एक वैक्सीन हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित की गई Covaxin है और दूसरी Covishield है जिसे ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित किया गया है और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाया जा रहा है।

अब तक कोरोना वैक्सीनेशन के बारे में आप काफ़ी कुछ पढ़ चुके होंगे और उनके साइडइफेक्ट्स के बारे में भी आप जानते ही होंगे। लेकिन आपको घबराने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है । ये साइड इफेक्ट सिर्फ इसलिए होते हैं कि वैक्सीन की डोज़ लगने के बाद आपका शरीर एंटीबॉडीज़ बनाने की प्रक्रिया में जुट जाता है जिससे हल्का-फुल्का बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द हो सकता है।

ये ज़रूरी नहीं है कि आपको इनमें से कुछ ना कुछ होगा ही। हो सकता है आपको कोई साइड इफेक्ट ना भी हो। हर शरीर अपनी तरह से एंटीबॉडीज़ की प्रक्रिया करता है। बस 2 दिन की बात है फिर आप कोरोना से 70% इम्यून हो जाएंगे और दूसरी डोज़ लगने के बाद 90%।

अगर आपको शूगर या हाई ब्लडप्रेशर है तो भी अपनी संतुष्टि के लिए डॉक्टर से पूछ लें और वैक्सीन ज़रूर लगवा लें।

कुछ महिलाएं सोच रही हैं कि पीरियड्स में वैक्सीनेशन नहीं लगवा सकते तो मैं आपको बता दूं कि ऐसा कुछ नहीं है। मैंने खुद तब वैक्सीन लगवाई है जब मुझे पीरियड्स थे और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कोरोना वैक्सीन आपको महामारी से बचाने के लिए है इसलिए प्लीज़ डोज़ लगवा लें।

कैसे करें रजिस्टर

45+से अधिक लोगों के लिए कोविड वैक्सीनेशन का रजिस्ट्रेशन आवश्यक नहीं है। आप सिर्फ अपना आधार कार्ड लेकर पास के वैक्सीनेशन सेंटर पर जा सकते हैं और आपको डोज़ लग जाएगी।

18-44 साल तक की उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन का रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है।

वैसे तो अधिकतर लोग आरोग्य सेतु और https://www.CoWin.gov.in/home पर रजिस्टर कर रहे हैं। लेकिन आप चाहें तो टेलीग्राम एप पर रियल टाइम वैक्सीनेशन उपलब्धता के आधार पर भी रजिस्टर कर सकते हैं।

https://under45.in/index.php

आप इस लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपके सामने टेलीग्राम का ये पेज खुल जाएगा।

इस पर आप अपनी स्टेट और डिस्ट्रिक्ट चुनेंगे तो आपको कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर और उनकी टाइमिंग की सारी जानकारी मिल जाएगी।

CoWIN पोर्टल के जरिए रजिस्टर करने के लिए सबसे पहले आपको CoWIN वेबसाइट पर जाकर register /Sign in पर क्लिक करना होगा। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर डालें और Get OTP पर क्लिक करें। OTP आने पर उसे वेबसाइट पर एंटर करके Verify पर क्लिक कर दें।

Register for Vaccination पेज ओपन होने पर आपको फोटो आईडी प्रूफ, नाम, लिंग और जन्मतिथि की डिटेल्स डालनी होगी और आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। रजिस्टर करने के बाद आपके सामने अपॉइंटमेंट स्केड्यूल करने का विकल्प मिलेगा। नाम के बराबर में Schedule का विकल्प होगा उस पर क्लिक करें।

सर्च बार में अपना पिनकोड डालें। जहां-जहां सेंटर्स होंगे वहां-वहां पिन दिखाई देगी। समय और तिथि सेलेक्ट करें और Confirm पर क्लिक कर दें। ऐसी ही प्रक्रिया आरोग्य सेतु एप पर ही है।

कोविड टीकाकरण है ज़रूरी- अपने और अपनों के लिए

भारत में अब तक 17 करोड़ लोगों को वैक्सीनेशन लग चुकी है। फ्रंटलाइन वर्कर्स यानि डॉक्टर, सिक्योरिटी फोर्सेस, मीडिया, नर्सेस और पूरा हेल्थकेयर सिस्टम आपके लिए दिन-रात काम कर रहा है इसलिए आप भी अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए वैक्सीनेशन ज़रूर लगवाएं।

अपनी वैक्सीनेशन के बाद आपकी ये ड्यूटी भी बनती है कि अपने आस-पास के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें और सबको समझाएं कि वैक्सीन कितनी ज़रूरी है। कई बड़े-बुज़ुर्ग या गांव के लोग रजिस्ट्रेशन की तकनीक को समझने में सक्षम नहीं हैं तो उनकी मदद करें।

एक बात समझ लें कोरोना या कोई भी वायरस तब तक रहता है जब तक उसे होस्ट मिलता रहता है। जब तक उसे शरीर रूपी होस्ट मिलते रहेंगे तो हमारे साथ रहेगा। उसे तभी खत्म किया जा सकता है जब हर शरीर में कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज़ होंगी।

कोरोना से हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक आख़िरी इंसान को वैक्सीन नहीं लगेगी इसलिए प्लीज़ आज ही वैक्सीन लगवाएं। किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताक़त होती है उनकी एकता और हमें इसी एकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपने समाज को स्वस्थ बनाना है जिसमें हर

एक की भागीदारी ज़रूरी है। हर शुरुआत होती है ख़ुद से।

मूल चित्र : Still from Facebook – More Together/YouTube

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