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सेफ सेक्स और उससे जुड़े इन 6 सवालों के जवाब जानने हैं बहुत ज़रूरी

Posted: मार्च 7, 2021

बड़े होने पर हम अपने बच्चों को गाड़ी चलाना सिखाते हैं, सड़क के ख़तरों से अवगत कराते हैं, सावधानी सिखाते हैं लेकिन जब बात हो सेफ सेक्स की तो?

जिस तरह से बड़े होने पर हम अपने संतान को गाड़ी चलाना सिखाते हैं, सड़क के ख़तरों से अवगत कराते हैं, सावधानी बरतना और उचित गियर का उपयोग करना सिखाते हैं, उसी तरह हमें उन्हें सेक्स के बारे में, सेक्स के उचित तरीके, सेफ्टी प्रिकॉशंज़ और प्रोटेक्शन के लिए सही गियर्स का उपयोग के बारे में बताना आवश्यक है। सेक्स के बारे में एजुकेशन की कमी और विशेष रूप से सुरक्षित सेक्स संबंध बनाने की ना जानकारी के नतीजे स्वरूप अन्प्लैंड प्रेग्नन्सी, एसटीडी आदि जैसे परिणाम देखने पड़ते हैं। 

सेफ सेक्स, सेक्शूअल एक्टिविटी में सम्मिलित होने का एक तरीका है जो सूचित, सहमति पूर्ण है , साथ ही एसटीडी और अनचाही प्रेग्नेन्सी के जोखिम को कम करता है। आपको और आपके पार्टनर को स्वस्थ रखने में सेफ सेक्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

सेफ सेक्स के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स :

क्या कंडोम प्रोटेक्शन का सबसे अच्छा स्रोत है?

प्रोटेक्शन के अलग-अलग माध्यम हैं, लेकिन एसटीडी के जोखिम से बचने के लिए कंडोम सबसे प्रभावशाली है, क्योंकि एसटीडी रक्त, सीमेन, वजाइनल फ़्लूइड या त्वचा से त्वचा के संपर्क के माध्यम से फैलता है, कंडोम एक कवच के रूप में इन जोखिमों से बचाता है। इस्तेमाल किए जाने वाले कंडोम लैटेक्स के होने चाहिए क्योंकि इनके टूटने की संभावना कम होती है, लेकिन लैटेक्स एलर्जी की स्थिति में पॉलीयूरेथेन कंडोम का इस्तेमाल किया जा सकता है। 

याद रखने के लिए सबसे ज़रूरी चीजों में से एक यह भी है कि एक कॉन्डम का केवल एक बार ही उपयोग किया जा सकता हैं। 

क्या बर्थ कंट्रोल के उपयोग के बाद जोखिम कम होता है?

बर्थ कंट्रोल को भी प्रोटेक्शन के एक रूप में माना जा सकता है लेकिन यह केवल अन्प्लैंड प्रेग्नन्सी से बचाता है, यह एचआईवी या एसटीआई के प्रसार को रोकने में मदद नहीं करता है। बर्थ कंट्रोल की विभिन्न रूपों में उपलब्ध हैं जैसे पिल्ज़, आईयूडी, इम्प्लैंट्स आदि। लेकिन कभी-कभी बर्थ कंट्रोल के हमारे शरीर पर साइड इफ़ेक्ट्स हो सकते है जिसे ध्यान में रखने की आवश्यकता होती है। पर बर्थ कंट्रोल पर होने के बावजूद भी आपको कंडोम का उपयोग करने की आवश्यकता है ताकि त्वचा से त्वचा का कॉटैक्ट और फ़्लूइड्ज़ का एक्सचेंज ना हो।

रेगुलर हेल्थ चेक अप कितना ज़रूरी है?

कंडोम प्रोटेक्शन का सबसे विश्वसनीय रूप है, फिर भी वे फुल प्रूफ़ नहीं हैं इसीलिए हेल्थ चेक-अप आवश्यक है। एसटीडी के लक्षण हमेशा स्पष्ट नहीं होते हैं, इसलिए नियमित अपने गायनकॉलिजस्ट के साथ अपोईंट्मेंटस महत्वपूर्ण हैं, ताकि आपको एसटीडी के लिए जाँच किया जा सके और प्रोटेक्शन का सबसे अच्छा तरीका चुनने में भी मदद मिल सके। नियमित स्क्रीनिंग इन इन्फ़ेक्शंज़ को जल्द पकड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है।

क्या अपने पार्टनर के साथ बातचीत ज़रूरी है?

सेक्शूअल संबंधों में कम्यूनिकेशन महत्वपूर्ण है। अपने साथी के साथ सीमाओं पर चर्चा करें, और साथ ही आपके पास कोई अन्य चिंता हो तो वो भी उनसे व्यक्त करे। सुनिश्चित करें कि आप प्रोटेक्शन के बारे में एक ही पृष्ठ पर हैं और सबसे ज़रूरी ये जाने कि उन्होंने एसटीडी की जाँच करायी है या नहीं। अपने पार्टनर के साथ के भरोसे की नींव रखने के लिए सेफ सेक्स के बारे में कॉन्वर्सेशन करना ज़रूरी है। 

हाइजीन कितना ज़रूरी है?

अच्छी हाइजीन बनाए रखना सेफ सेक्स के लिए महत्वपूर्ण कारक है। UTI के संक्रमण से बचने के लिए महिलाओं को सेक्स के बाद पेशाब करने की सलाह दी जाती है, क्यूँकि सेक्स आपके ब्लैडर को जो आपके यूटरस के ऊपर स्थित होता है उसमें जलन और इरिटेशन पैदा कर सकता है जो कि UTI का कारण बन सकता है। बैक्टीरिया जो आपके युरीथ्रा में जमा हो जाते हैं, उससे छुटकारा पाने के लिए सेक्स के बाद यूरीनेट करना आवश्यक है। 

आपको अपने शरीर का ध्यान इस अर्थ में भी रखना चाहिए कि किसी भी प्रकार के इन्फ़ेक्शन या घावों और चोट का इलाज करके इसे स्वस्थ रखे क्योंकि एचआईवी जैसी बीमारियाँ रक्त के माध्यम से भी फैल सकती हैं।

किसी भी प्रकार के प्रभाव के अंतर्गत निर्णय ना लें…क्यों? 

जब आप किसी पदार्थ के प्रभाव में होते है तो आपकी निर्णय लेने की क्षमता कम हो सकती है। उस समय जो सही लगता है वही अगली सुबह पछतावा बन सकता है।

जब आप अपने होश में नहीं होते हैं या किसी प्रकार के प्रभाव में होते हैं, तो प्रोटेक्शन का उपयोग करना भूल जाने का भी जोखिम होता है। यदि आप सेक्स करने जा रहे हैं तो सुनिश्चित करें कि आप सहमति देने में सक्षम हैं और सुनिश्चित करें कि आप प्रोटेक्शन का उपयोग करते हैं।

लोग सेक्स के बारे में बात करने में आज भी असहज हो जाते हैं और खासकर जब यह महिलाओं से संबंधित होता है, इसलिए अक्सर इस विषय पे चर्चा को पूरी तरह से टाल दिया जाता है। इसके परिणाम हेतु युवाओं को बेसिक सेक्स एजुकेशन भी नहीं मिलती है। इसके बजाय, वे फ़िल्में और शोज़ देख कर या इंटरनेट पर पढ़कर सेक्स के बारे में ग़लत जानकारी और मिथ्स सीखते हैं। 

बदलते दौर के साथ हमें अपनी यह सोच भी बदलनी चाहिए। हमें युवा पीढ़ी को सही समय पर सेफ सेक्स पर शिक्षित करने की आवश्यकता है, जिससे लोग इसके बारे में सही जानकारी रखे और जागरूक रहें। 

डिस्क्लेमर : ये जनरल जानकारी है और इसे मेडियल परामर्श न समझें। अपने चिकित्सक की राय ज़रूर लें। 

मूल चित्र : Womanizer Wowtech via unsplash

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