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मैं अपनी सासू माँ को बहुत अच्छे से जानती हूँ…

अरे यार क्या हो गया है आज? सुबह-सुबह क्या हो गया है मम्मी को? इतनी तेज़ आवाज़ में गाने गा रही है और रसोई में बर्तन बजा रही है?

अरे यार क्या हो गया है आज? सुबह-सुबह क्या हो गया है मम्मी को? इतनी तेज़ आवाज़ में गाने गा रही है और रसोई में बर्तन बजा रही है?

“अरे यार क्या हो गया है आज? सुबह-सुबह क्या हो गया है मम्मी को? इतनी तेज़ आवाज़ में गाने गा रही है और रसोई में बर्तन बजा रही है?” विवेक ने अपनी पत्नी वीना से पूछा

“अरे कुछ नहीं! आप टेंशन मत लो। ये तो आपकी मम्मी उस समय करती है जिस समय वो किसी बात से नाराज़ हों या उन्हें गुस्सा आया हो, या फिर कोई उनके कहे अनुसार न चले”, वीना ने मुस्कुराते हुए विवेक से कहा।

“अच्छा तुम तो सब पहचानने लगी हो अब तो, कि कब मेरी मम्मी को गुस्सा आता है, कब वो खुश होती हैं। तुम तो अपनी सासूमाँ को अच्छे से जानने लग गयी हो”, विवेक ने हँसते हुए कहा।

तभी वीना ने कहा, “हाँ आप तो हँसो विवेक, मेरी जगह अगर आप होते, तो आप भी अपनी माँ को पहचान लेते कि कब उनका मूड बदल जाता है।”

“अच्छा, तो तुम कैसे पहचान लेती हो? मुझे भी बता दो”, विवेक ने कहा।

“बहुत सिम्पल है! देखो, यदि उनका मूड अच्छा है तो बड़े प्यार से हर बात का जवाब मिलेगा। यदि वो नाराज हैं, तो कहेंगी कि मुझे नहीं पता, तुम जो चाहो वो कर लो।

“देखो विवेक, मुझे इस घर मे आये तीन साल हो गए हैं और मम्मी के साथ सारा दिन घर पर रहती हूँ। उनके साथ समय बिताने के साथ साथ मैं अब उनके व्यवहार को भी समझने लगे गयी हूँ। आप उनके बेटे हो लेकिन फिर भी आपको अपनी मम्मी के गुस्से का पता नहीं चलता और एक मैं हूँ जो उनके गाने से भी पहचान लेती हूं कि आज मम्मी का मूड खराब है।

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तब मैं और भी होशियार हो जाती हूँ कि आज तेरी खैर नहीं है। फिर मैं चुप रहती हूँ और चुपचाप अपना काम करती हूं। जब उनका मूड सही होगा तब वापिस सब ठीक हो जाएगा।”

“अच्छी बात है फिर तो तुम आज कुछ नहीं बोलने वालीं?” विवेक ने वीना को देखते हुए कहा।

“हाँ मेरे सैयां जी! आज तुम्हारी बीवी चुप रहेगी। यदि गलती से भी कुछ बोला तो सब कहेंगे कि बहू बहुत बोलती है”, वीना ने हँसते हुए कहा। “अब आप भी उठ जाओ बाते बंद करो, मैं चाय लेकर आती हूँ।”

सही है ना दोस्तों जब दो अनजान साथ में रहने लगते हैं तब वो एक दूसरे के व्यवहार को भी समझ जाते है, चाहे वो पति-पत्नी हों या सास और बहू। अगर आप एक दूसरे को समझ जाओ तो आधी से ज्यादा मुश्किलें तो ऐसे ही निपट जाएँ।

आप सबका क्या कहना है इस बारे में?

मूल चित्र : YouTube

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