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फीमेल कंडोम्स क्या हैं और आप इन्हें कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं?

अगर आपके मन में भी फीमेल कंडोम्स से जुड़े कई सवाल हैं जैसे ये कैसै होते हैं और इन्हें किस तरह पहना जाता है, आदि - तो ये लेख आपके लिए है।

अगर आपके मन में भी फीमेल कंडोम्स से जुड़े कई सवाल हैं जैसे ये कैसै होते हैं और इन्हें किस तरह पहना जाता है, आदि – तो ये लेख आपके लिए है।

कंडोम का नाम सुनते ही सबसे पहले पुरुष कंडोम ही याद आते हैं। हालांकि अब धीरे-धीरे फीमेल कंडोम्स की लोकप्रियता भी बढ़ी है लेकिन इससे जुड़े सवालों की लिस्ट महिलाओं के बीच इसके इस्तेमाल की दर घटा रही है। जहां सेक्स के बारे में खुलकर बात नहीं होती वहां फीमेल कंडोम्स पर जागरूकता कम होना ज़ाहिर है। इसी वज़ह से ये मेल कंडोम्स की तुलना में आसानी से नहीं मिलता है। 

तो अगर आपके मन में भी इससे जुड़े ये तमाम सवाल हैं – फीमेल कंडोम क्या होता है? ये किस तरह पहना जाता है? इसके क्या साइड इफेक्ट्स होते हैं? क्या ये वाकई सेफ होता है? इसकी कीमत क्या होती है? तो ये लेख आपके लिए है। यहां आपको सम्पूर्ण जानकारी दी जा रही है। तो बेझिझक आगे पढ़िए:      

फीमेल कंडोम्स (Female Condoms) क्या होते हैं?

फीमेल कंडोम्स एक तरिके के गर्भनिरोधक यानी कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस हैं जिसे महिलाएँ सेक्स करने के दौरान इस्तेमाल करती हैं। ये कंडोम योनि में इन्सर्ट किया जाता है। इससे स्पर्म योनि में नहीं जाते हैं। फीमेल कंडोम्स पॉलीयुरेथेन या नाइट्राइल से बने होते हैं। ये लुब्रिकेटेड पाउच थैली के आकर में होते हैं जिसमे दो सिरे होते हैं। इसमें दोनों सिरों पर इलास्टिक रिंग होती है जिसमें से एक खुली तथा दूसरा बंद होती है। ये टैम्पून की तरह आसानी से इन्सर्ट किये जा सकते हैं। 

इसे क्यों यूज़ करें? / इसके क्या फ़ायदे हैं?

  • फीमेल कंडोम्स महिलाओं को अनचाही प्रेगनेंसी से बचाते हैं। ये अन्य गर्भनिरोधकों की तरह ही है जिसका इस्तेमाल सबसे आसान और असरदार बताया जाता है। और अगर किसी कारण वश या अन्य स्वास्थ्य संबधी शिकायतों के कारण आप कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स नहीं ले पा रहे हैं तो ऐसे में फीमेल कंडोम्स का इस्तेमाल करना कारगर साबित होता है।
  • अगर आप मासिक धर्म के दौरान सेक्स करने चाहती हैं तो ये कंडोम आपके लिए हैं। ये सेक्स करते समय यौनि से खून को बाहर आने से रोकते हैं।
  • पैक पर लिखे हुए निर्देशों के अनुसार इस्तेमाल करने पर, पुरुष कंडोम्स 98% प्रभावी होते हैं और फीमेल कंडोम्स 95% प्रभावी होते हैं वहीँ दोनों की विफलता दर क्रमशः 14% और 21% होती है।
  • जिन महिलाओं की यौनि में सूखेपन की शिकायत रहती है यानी लुब्रिकेशन कम होता है, तो ऐसी महिलाएं ये कंडोम्स पहनना पसंद करें।
  • इन कंडोम को आप सेक्स करने के 8 घंटे पहले योनि में इंसर्ट करके रख सकती हैं। 

कैसे यूज़ करें फीमेल कंडोम्स?  

लेड़िज़ कंडोम को सही तरीके से इसको पहनना बहुत ज़रूरी है। इसको पहनने के लिए आप सबसे पहले एक आरामदायक पोजीशन चुनें। कंडोम के बंद छोर को धीरे-धीरे वजाईना में अंदर की तरफ स्लाइड करें। डालते समय यह ध्यान रखें कि कंडोम मुड़े नहीं। कंडोम की बाहरी रिंग आपकी योनि से लगभग 1 इंच बाहर ही होनी चाहिए। 

इसी रिंग को पकड़ कर बाद में कंडोम को बाहर निकाला जाता है। इसे निकालते समय ध्यान रखे की स्पर्म कंडोम में ही रहें। तो आप कंडोम को टि्वस्ट करते हुए बाहर निकाले। यानी जो छोर आपने बाहर की तरह छोड़ा है, उसे धीरे धीरे पकड़ कर निकालें। इसे और बेहतर तरीके से समझने के लिए आप ये डेमो वीडियो देख सकते हैं।

लेड़िज़ कंडोम (Ladies Condoms) का इस्तेमाल करते समय ये सावधानियां बरतें  

  • एक कंडोम को एक बार ही इस्तेमाल करें।  
  • सेक्स के दौरान, ये सुनिश्चित करें कि लिंग कंडोम के अंदर ही है। 
  • कंडोम को मोड़कर निकालें और इन्हें लपेटकर डस्टबिन में डाल दें। इन्हें कभी फ्लश नहीं करें।
  • कंडोम खरीदने से पहले एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें। 
  • कई बार फीमेल कंडोम्स के इस्तेमाल में शिकायत रहती है कि सेक्स के दौरान इससे डिस्ट्रैक्टिंग और इरिटेटिंग आवाज आती हैं। तो आप इसका सही से इस्तेमाल करें। 
  • इस तरह की आवाज़ से छुटकारा पाने के लिए और आसानी से इंसर्ट करने के लिए आप फीमेल कंडोम्स के बाहरी सतह पर ऑयल या वाॅटर बेस्ड लुब्रिकेंट का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। 
  • फीमेल कंडोम और मेल कंडोम का एक साथ इस्तेमाल कभी ना करें।
  • कभी भी फटे हुए कंडोम का इस्तेमाल न करें।  
  • नाखून या ज्वेलरी से ये फट सकते हैं तो ये कंडोम पहनते हुए सावधानी बरतें। 
  • सेक्स के दौरान अगर कंडोम फट या टूट जाता है या फीमेल कंडोम का बाहरी छल्ला योनि के अंदर चला जाता है तो ऐसे में उस कंडोम को हटा दें और नए कंडोम का इस्तेमाल करें।

फीमेल कंडोम्स कहाँ मिलेंगे?

आज भी फीमेल कंडोम्स आसानी से हर जगह उपब्लध नहीं हैं। क्योंकि मेल कंडोम्स की तुलना में इसे बहुत कम लोग यूज़ करते हैं। साथ ही लेडीज़ कंडोम्स की कीमत भी ज्यादा है। लेकिन आप इन्हें ऑनलाइन खरीद सकते हैं। ‘वेलवेट महिला कंडोम’ को बेस्ट बताया जाता है। यह भारत का पहला स्वनिर्मित फीमेल कंडोम है। आप इसे यहां से आर्डर कर सकते हैं।  इसके अलावा क्यूपिड ब्रांड के भी आप यहां से मंगवा सकते हैं। इनकी कीमत ब्रांड्स और क्वालिटी के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। 

क्या महिलाओं के कंडोम के कोई साइड इफेक्ट्स हैं? 

हर चीज़ के कोई न कोई साइड इफेक्ट्स ज़रूर होते हैं। तो लेडीज़ कंडोम्स के ये साइड इफेक्ट्स आप इस्तेमाल करने से पहले सुनिश्चित करें।

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  • फीमेल कंडोम्स 100% सुरक्षित नही होते हैं। 
  • अगर इन्हें ठीक से नहीं पहना जाए ये ये कई बार योनि में फट जाते हैं। 
  • सेक्स करते समय यह अनचाही आवाज़ कर सकते हैं जिससे पार्टनर का ध्यान भटक जाता है। लेकिन अच्छे लुब्रिकरेंट के साथ इस परेशानी से बहुत हद तक निज़ात मिल सकती है। 
  • ये कई बार तकलीफ भी दे सकते हैं।
  • महिलाओं के कंडोम के लम्बे समय तक योनि में रहने पर इनसे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। 
  • कई महिलाओं को लेटेक्स एलर्जी होती है। तो ऐसे में कंडोम की पैकेजिंग डिटेल्स जरूर पढ़ें। 
  • कई बार कंडोम के उपयोग के बाद महिलाओं में यौनि में जलन की समस्या भी हो सकती है।  

उम्मीद है अब आपकी सारी हिचकिचाहट दूर हो गयी हैं। तो अगली बार आपके पार्टनर का कंडोम पहनना जरुरी नहीं है क्योंकि आप भी पहन सकते हैं। ये कंडोम आपको जानलेवा एसटीडी बिमारियों से और अनचाही प्रेग्नन्सी से बचा सकते हैं। तो अपने स्वास्थ्य के लिए ज़रूर पहनें।  

मूल चित्र : pixelshot from Canva Pro

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About the Author

Shagun Mangal

A strong feminist who believes in the art of weaving words. When she finds the time, she argues with patriarchal people. Her day completes with her me-time journaling and is incomplete without writing 1000 read more...

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